📰 पूरी खबर:

 

      कलेक्टर श्री चंद्रा ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से संबंधित 50 दिवस से अधिक अवधि से लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित तहसीलदारों के स्तर पर लंबित शिकायतों की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

      बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, किसान कल्याण एवं कृषि विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों की राज्य स्तरीय शिकायत निराकरण रैंकिंग की समीक्षा की गई। अपेक्षित स्थिति नहीं पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी विभागों को शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं संतुष्टिपूर्वक निराकरण के साथ राज्य स्तर पर टॉप-10 में स्थान प्राप्त करने के निर्देश दिए।

      कलेक्टर ने कहा कि प्राप्त शिकायतों का केवल औपचारिक निराकरण न किया जाए, बल्कि प्रत्येक शिकायत की वस्तुस्थिति की विस्तृत जांच कर संबंधित आवेदक को संतुष्टिपूर्ण निराकरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने अनावश्यक रूप से प्रकरणों को फोर्स क्लोज किए जाने पर भी विशेष ध्यान देने तथा कम से कम प्रकरणों को फोर्स क्लोज की श्रेणी में भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में शिकायतों के निराकरण की नियमित समीक्षा करने को कहा।

      कलेक्टर श्री चंद्रा ने स्पष्ट किया कि यदि कोई विभाग आगामी तीन दिवस में राज्य स्तरीय शिकायत निराकरण रैंकिंग में टॉप-10 में नहीं आता है, तो संबंधित विभाग की लंबित शिकायतों की गहन जांच कराई जाएगी। जांच में यदि शिकायत के निराकरण में विभागीय अधिकारी की लापरवाही, उचित जांच नहीं किया जाना अथवा किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।

      डीपीसी एवं डाइट प्राचार्य को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश

जिला शिक्षा केंद्र एवं डाइट से संबंधित शिकायतों की समीक्षा के दौरान शिकायतों का गंभीरता से निराकरण नहीं किए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जिला परियोजना समन्वयक एवं डाइट प्राचार्य को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए।

      सिविल सर्जन को स्वास्थ्य विभाग से संबंधित लंबित शिकायतों का आगामी 15 दिवस में संतुष्टिपूर्वक निराकरण कराकर प्रकरण बंद करवाने के निर्देश दिए गए।

नए खेल मैदान के लिए भूमि का चिन्हांकन कर आवंटित करने के निर्देश

      कलेक्टर ने जिला खेल अधिकारी को निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्र में नए खेल मैदान के लिए 4 हेक्टेयर अथवा इससे अधिक भूमि आवंटित किए जाने हेतु मुख्य नगर पालिका अधिकारी को प्रस्ताव प्रस्तुत करें। उन्होंने खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

      कलेक्टर ने आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली लोक अदालत की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपसी समझौते एवं सहमति के माध्यम से अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को लोक अदालत के संबंध में आवश्यक समन्वय एवं कार्यवाही समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

      बैठक में माय भारत पोर्टल पर 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के पंजीयन के लिए संचालित विशेष अभियान की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए अधिक से अधिक युवाओं का सफल पंजीयन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

      बैठक में अंत्यावसायी, सहकारी विकास, उद्यानिकी, महिला एवं बाल विकास, लोक निर्माण, पीआईयू, सामान्य प्रशासन, जेल, श्रम, ऊर्जा एवं राजस्व सहित अन्य विभागों के समय-सीमा प्रकरणों एवं शिकायतों की भी समीक्षा की गई।

      कलेक्टर श्री चंद्रा ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों एवं आमजन से प्राप्त शिकायतों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण एवं संतुष्टिपूर्वक निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए शिकायत निराकरण की स्थिति में निरंतर सुधार लाने के निर्देश दिए।

    बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अमन वैष्णव, अपर कलेक्टर श्री बी.एस. कलेश, एसडीएम श्री पराग जैन, डिप्टी कलेक्टर श्री चंद्रसिंह धार्वे, सुश्री श्रुति भयडिया सहित जिले के समस्त विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।