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नीमच। मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार नवांकुर सखी हरियाली यात्रा कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को नीमच की जय श्री आरोग्य जनकल्याण समिति द्वारा सेक्टर क्रमांक-01 के ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति, भरभड़िया में कलश यात्रा एवं तिरंगा रैली का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10 बजे नागेश्वर मंदिर से हुआ। यात्रा में महिलाओं, ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर तथा ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों ने तिरंगा लेकर रैली के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, हरियाली संवर्धन एवं राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। यात्रा नागेश्वर मंदिर से प्रारंभ होकर ग्राम स्थित प्रस्फुटन समिति कार्यालय एवं जिला पंचायत भवन पहुंचकर संपन्न हुई।
इसके पश्चात प्रस्फुटन समिति कार्यालय में संभाग समन्वयक श्री शिव प्रसाद मालवीय के मार्गदर्शन में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उज्जैन संभाग समन्वयक श्री शिव प्रसाद मालवीय, नीमच जिला समन्वयक श्री नवनीत रत्नाकर एवं विकासखंड समन्वयक श्री महेंद्र पाल सिंह भाटी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर संभाग समन्वयक श्री शिव प्रसाद मालवीय का फूलों की माला भेंट कर सम्मान किया गया। वहीं जिला समन्वयक श्री नवनीत रत्नाकर का सम्मान श्री रमेश पाटीदार द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में सरपंच श्रीमती संगीता पाटीदार, श्री जगदीश पाटीदार, श्रीमती रितु सागर, एएनएम श्रीमती कुसुमलता शिव, सचिव श्री लाभचंद, श्रीमती उमा मालवीय, आयुष चिकित्सालय से श्री नरसिंह चौहान, आंगनवाड़ी सहायिका श्रीमती देवकन्या सेन, श्रीमती सरोज बैरागी, श्रीमती मंजूबाला पाटीदार, श्रीमती लक्ष्मी जाटव, श्रीमती मांगीबाई ट्रेलर, श्री रमेशचंद्र पाटीदार, श्री मदनदास, श्री अजय पाटीदार, प्रस्फुटन समिति अध्यक्ष श्रीमती कल्पना गौरी, श्री रवि डांगर, सचिव श्रीमती सीमा बैरागी, श्री मानक बैरागी, नवांकुर संस्था सचिव श्रीमती टीना गहलोत, कोषाध्यक्ष श्रीमती दीपा राठौर सहित विद्यालय के छात्र-छात्राएं एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।
संगोष्ठी में पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण, हरियाली संवर्धन तथा जनभागीदारी के महत्व पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने तथा पौधों की देखभाल एवं संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, हरियाली संवर्धन एवं गांव को स्वच्छ एवं हरा-भरा बनाने के लिए सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया। कार्यक्रम ने ग्रामीण क्षेत्र में पर्यावरण जागरूकता के साथ-साथ राष्ट्रप्रेम एवं जनभागीदारी की भावना को भी मजबूत किया।