📰 पूरी खबर:
तिलस्वां.क्षेत्र के इंद्रपुरा स्थित श्री तिलस्वांनाथ गौशाला, चांदजी की खेड़ी में सोमवार से श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। शुभारंभ से पूर्व सुबह श्रद्धालुओं द्वारा कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं सहित श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
कथा के प्रथम दिन गुरुदेव प्रेमनारायण जी गेहूंखेड़ी वालों ने कहा कि जीवन में लक्ष्य बनाना जरूरी है। मनुष्य जब माया-मोह को ही अपना मान लेता है तो उसी के बंधन में फंस जाता है। माया के बंधन से मुक्त होने के लिए प्रत्येक वस्तु को अपने इष्ट की देन मानना चाहिए। 'मैं' और 'मेरा' का भाव ही मनुष्य को बांधता है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को छोटी उम्र से ही भक्ति से जोड़ना चाहिए। माता-पिता को बच्चों को मंदिर ले जाना और धार्मिक कथाओं में शामिल कराना चाहिए, जिससे वे अच्छे संस्कारों को अपने जीवन में अपना सकें।
श्री तिलस्वांनाथ गौशाला सेवा समिति के अध्यक्ष सुगन धाकड़ ने बताया कि कथा का आयोजन समस्त क्षेत्रवासियों के सहयोग से किया जा रहा है। कथा 4 अक्टूबर तक प्रतिदिन दोपहर 12 से 3 बजे तक आयोजित होगी।