📰 पूरी खबर:
नीमच.मप्र शिक्षक संघ, की संभागीय बैठक26 अक्टूबर को श्री शांति भोजनालय, आगर रोड, उज्जैन मे आयोजित की गईं । कार्यक्रम की अध्यक्षता: श्री शंकरलाल आंजना (संभागीय अध्यक्ष) मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट उपस्थिति:श्री हिम्मतसिंह जैन (प्रान्तीय संगठन मंत्री - मुख्य अतिथि) श्री विनोद कुमार पूनी (प्रान्तीय कोषाध्यक्ष), श्री राधेश्याम शर्मा (संभागीय कोषाध्यक्ष) श्री सुभाष पाटीदार (संभागीय सह-संगठन मंत्री) श्री राजेन्द्र रावल (प्रमुख, समर्थ भारत अभियान) बैठक की मुख्य कार्यवाही एवं पारित संकल्प इस प्रकार है.
1. गत बैठक के कार्यवाही विवरण का वाचन एवं अनुमोदन
संभागीय सचिव श्री दिग्विजयसिंह द्वारा मंदसौर में आयोजित पूर्व संभागीय बैठक का बिंदुवार कार्यवाही विवरण प्रस्तुत किया गया। सदन में उपस्थित सदस्यों ने ओंकार ध्वनि से सर्वसम्मति से अनुमोदन किया।
2. संभाग के समस्त जिलों
की सदस्यता एवं अंशदान की समीक्षा संभागीय कोषाध्यक्ष श्री राधेश्याम शर्मा द्वारा संभाग के सभी उपस्थित जिलों से सदस्यता ,रसीद बंदियां , केन्द्रांश का विवरण लिया गया। सभी जिलों में सदस्यता पूर्ण की जाकर केंद्रांश जमा कर दिया गया है (जिला उज्जैन का केंद्रांश आज जमा कर देंगे)
उज्जैन संभाग ने पिछले वर्ष 25 के बराबर सदस्यता पूर्ण कर ली है।
3. प्रान्तीय महासभा में सदस्यता एवं भागीदारी संबंधी दिशा-निर्देश
प्रान्तीय संगठन मंत्री श्री हिम्मतसिंह जी जैन ने अवगत कराया:
यह चुनावी वर्ष है; अतः जमा रसीद बंदियों के आधार पर ही प्रत्येक ब्लॉक की सदस्यता अनुसार प्रान्तीय महासभा के सदस्य बनेंगे।
प्रत्येक 100 रसीद बंदि पर 1 महासभा सदस्य तय होगा।
ब्लॉक में कम से कम 20% सदस्यता होनी अनिवार्य है। जिस ब्लॉक में 100 से कम सदस्य होंगे, वहां से महासभा सदस्य नहीं बनेगा।
अंशदान एवं रसीद बंदि जमा होने के बाद सदस्यता नहीं बढ़ाई जाएगी।
31 अक्टूबर तक सभी जिलों को अंशदान, रसीद बंदीयां एवं ब्लॉकवार सूचियां प्रान्त में जमा करना अनिवार्य है, इसके पश्चात कोई सूची स्वीकार नहीं की जाएगी।
4. प्रमुख पदाधिकारियों के विचार
श्री राजेन्द्र जी रावल (प्रमुख, समर्थ भारत अभियान): संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान करने के लिए सदस्यता को अधिकतम स्तर तक बढ़ाने पर बल दिया।
श्री सर्वेश कुमार माथुर (सह-संगठन मंत्री): प्रान्तीय अध्यक्ष श्री क्षत्रवीर सिंह जी राठौर के कार्यों की सराहना की। साथ ही आदिम जाति कल्याण विभाग में चतुर्थ क्रमोन्नति आदेश, जनजातीय क्षेत्र की समस्याओं एवं अध्यापकों की वरिष्ठता के विषय पर विचार रखे।
प्रान्तीय मीडिया सह-प्रभारी: श्री रामचंद्र मालवीय ने प्रत्येक जिले में सक्रिय कार्यकर्ताओं को जोड़कर मीडिया टीम गठित करने तथा संगठन के कार्यों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की बात कही।
5. जिलावार समस्या सत्र
विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों द्वारा निम्नलिखित प्रमुख समस्याएं उठाई गईं:
आगर मालवा (श्री बृजमोहन जी): अध्यापकों की वरिष्ठता निर्धारण की समस्या प्रमुखता से रखा जाए
पुरानी पेंशन (श्री महावीर जी जैन): पेंशन कार्य केवल भोपाल स्तर से होने के कारण विलंब; मांग की गई कि प्रत्येक जिला स्तर पर पेंशन अधिकारी को पुनः अधिकार दिए जाएं। ग्रेच्युटी व अन्य स्वत्व अन्यत्र ट्रेजरी में भेजे जा रहे हैं।
शाजापुर: बोर्ड परीक्षाओं (10वीं-12वीं) हेतु केंद्राध्यक्ष व सहायक केंद्राध्यक्ष विकासखंड के अंदर ही बनाए जाएं। 10वीं-12वीं में वस्तुनिष्ठ प्रश्न समाप्त करने से परीक्षा परिणाम प्रभावित होने की चिंता जताई गई।
शिक्षक कल्याण: शिक्षक उपस्थिति ऐप पर प्रतिवर्ष EL जुड़ने का प्रावधान हो तथा स्कूलों में 5 दिवसीय सप्ताह लागू किया जाए।
देवास (श्री दिनेश सिंह जी): सहायक व माध्यमिक शिक्षकों के समय पर पदोन्नति की मांग। महिलाओं को केंद्राध्यक्ष/सहायक केंद्राध्यक्ष न बनाया जाए।
उज्जैन: ई-अटेंडेंस व ओडी (OD) व्यवस्था दोपहर पूर्व व पश्चात की हो। छात्रों की उपस्थिति अधिकृत करने का अधिकार कक्षा अध्यापकों को मिले। लिपिकों का संलग्नीकरण (अटैचमेंट) समाप्त किया जाए।
अन्य विषय: बीआरसी (BRC) में सीएसी (CAC)/बीएसी (BAC) का कार्यकाल समाप्त होने पर मूल पदस्थापना की जाए। प्रतिनियुक्ति कर्मियों का समय पर वेतन भुगतान (श्री सौभाग्य जी)। सीएम राइज (CM Rise) स्कूलों में 7.15 घंटे की जगह 6 घंटे समय अथवा अतिरिक्त अवकाश का प्रावधान। रतलाम में कन्या प्रा.वि. में पद होते हुए भी अन्य को प्रभार देने की समस्या। जनगणना कार्य में संलग्न शिक्षकों के लिए अर्जित अवकाश का स्पष्ट आदेश जारी हो।
6. समस्याओं पर प्रान्तीय पदाधिकारियों का प्रतिउत्तर एवं मार्गदर्शन
श्री विनोद कुमार जी पूनी (प्रान्तीय कोषाध्यक्ष):
गत वर्ष की तुलना में वर्तमान सदस्यता को 30% तक बढ़ाने का लक्ष्य रखें; सभी जिले आगामी 4–6 दिनों में शेष सदस्यता पूर्ण करें।
एनपीएस (NPS) एवं वरिष्ठता (A+ स्तर पर प्रक्रियाधीन) पर संगठन गंभीरता से लगा हुआ है, शीघ्र ही सकारात्मक परिणाम मंच से साझा किए जाएंगे।
अतिशेष शिक्षकों के सत्यापन व समायोजन हेतु निर्धारित समय-सीमा (जिले में 3 दिवस, भोपाल स्तर पर 5 दिवस) में कार्य न होने पर जवाबदेही तय होगी।
परीक्षा व्यवस्था व वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के संबंध में मांग-पत्र शासन को सौंपा जाएगा।
श्री हिम्मतसिंह जी जैन (प्रान्तीय संगठन मंत्री):
भोपाल में कैशबुक व वाउचर की नियमित समीक्षा की जा रही है। संभागीय स्तर पर कैशबुक व समस्त अभिलेख पूर्ण कर प्रान्त से अंशदान प्राप्त करें।
नीमच जिले की सबसे कम सदस्यता पर चिंता व्यक्त करते हुए सुधार की हिदायत दी गई।
टीईटी (TET) व अन्य भ्रामक विषयों पर स्पष्ट किया कि शिक्षक संघ सदैव अपने सिद्धांतों पर अडिग रहकर शिक्षकों के हित में संघर्ष करता रहा है। उज्जैन संभाग अपनी सदस्यता व हिसाब पूर्ण कर प्रान्त में प्रथम स्थान प्राप्त करे।
संभागीय अध्यक्षीय उद्बोधन
संभागीय अध्यक्ष श्री शंकरलाल आंजना ने अपने उद्बोधन में कहा:
शासन के समस्त नीतिगत आदेशों का अध्ययन कर संगठन के अधिकृत लेटरपैड के माध्यम से पत्राचार कर समस्याओं का समाधान कराएं।
जिलों में नए व निष्ठावान कार्यकर्ताओं को आगे लाएं और उन्हें दायित्व सौंपें।
संभाग की बैठकों की निरंतरता (प्रथम बैठक: रतलाम, द्वितीय: मंदसौर, तृतीय: उज्जैन) की सराहना करते हुए उज्जैन जिले का आभार व्यक्त किया।
8. आभार प्रदर्शन एवं समापन
संभागीय सह-संगठन मंत्री श्री सुभाष जी पाटीदार द्वारा उपस्थित समस्त अतिथियों, पदाधिकारियों एवं सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया।
उज्जैन जिले के श्री महेश जी पाटीदार द्वारा कल्याण मंत्र से बैठक का समापन हुआ बैठक का संचालन श्री दिग्विजय सिंह संभागीय सचिन के द्वारा किया गया बैठक शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।