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उदयपुर। सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष, अर्थशास्त्र विभाग, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के स्वर्गीय डॉ. बी. पी. चक्रवर्ती की धर्मपत्नी डॉ. ईला चक्रवर्ती ने 90 वर्ष की गरिमामयी जीवन यात्रा पूर्ण करने के उपरांत अपनी अंतिम इच्छा के अनुरूप अपनी देह चिकित्सा शिक्षा एवं मानव सेवा के लिए समर्पित कर समाज के समक्ष एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
डॉ. ईला चक्रवर्ती के पुत्र डॉ. दीपांकर चक्रवर्ती एवं पुत्रवधू श्रीमती शिखा चक्रवर्ती ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र सिंह चूण्डावत को बताया कि उनकी माताजी ने जीवनकाल में ही देहदान का संकल्प लिया था। उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनके निधन के पश्चात उनका पार्थिव शरीर रविन्द्र नाथ टैगोर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, उदयपुर को चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान हेतु समर्पित कर दिया गया।
चिकित्सालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि देहदान मानवता की सर्वोच्च सेवाओं में से एक है। डॉ. ईला चक्रवर्ती का यह मरणोपरांत निर्णय भावी चिकित्सकों के प्रशिक्षण, चिकित्सा अनुसंधान तथा समाज में अंग एवं देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने इस महान कार्य की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
देह समर्पण के अवसर पर उपस्थित बड़ी संख्या में लोगों ने डॉ. ईला चक्रवर्ती को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके मानव सेवा के इस महान संकल्प को नमन किया।
इस अवसर पर उनकी पुत्री डॉ. अपराजिता, पुत्र डॉ. दीपांकर चक्रवर्ती, पुत्रवधू श्रीमती शिखा चक्रवर्ती, पौत्र अभिमन्यु एवं पौत्री देविका ने उपस्थित सभी परिजनों, मित्रों, शुभचिंतकों तथा चिकित्सालय प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि अधिक से अधिक लोग देहदान का संकल्प लें, तो चिकित्सा शिक्षा और मानव सेवा को नई दिशा मिल सकती है तथा अनेक लोगों को इससे अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र सिंह चूण्डावत ने डॉ. ईला चक्रवर्ती के इस महान निर्णय को मानवता की अमूल्य सेवा बताते हुए कहा कि उनका जीवन और मरणोपरांत किया गया यह दान समाज को सदैव प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने नागरिकों से भी देहदान एवं अंगदान जैसे पुण्य कार्यों के प्रति जागरूक होकर मानव कल्याण में अपनी भागीदारी निभाने का आह्वान किया।