📰 पूरी खबर:
रतलाम। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल द्वारा यात्रियों को अनारक्षित टिकट प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल, सुविधाजनक एवं कैशलेस बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में रेलवन ऐप एवं यूटीएस ऐप के साथ-साथ रेलवे स्टेशनों पर एटीवीएम (ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन) की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। एटीवीएम के माध्यम से यात्री लंबी कतार में लगे बिना स्वयं अनारक्षित टिकट प्राप्त कर सकते हैं।
एटीवीएम में क्यूआर कोड आधारित डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। यात्री किसी भी यूपीआई-सक्षम ऐप के माध्यम से प्रदर्शित क्यूआर कोड को स्कैन कर टिकट का भुगतान कर सकते हैं तथा भुगतान के उपरांत तत्काल टिकट प्राप्त कर सकते हैं। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रतलाम मंडल के तीन प्रमुख स्टेशनों पर एटीवीएम फैसलिटेटर भी नियुक्त किए गए हैं।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यात्रियों को एटीवीएम के उपयोग में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए इंदौर रेलवे स्टेशन पर 02, उज्जैन रेलवे स्टेशन पर 01 तथा चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन पर 01 एटीवीएम फैसलिटेटर नियुक्त किए गए हैं।
एटीवीएम फैसलिटेटर उन यात्रियों की सहायता करते हैं, जिन्हें एटीवीएम के माध्यम से टिकट निकालने में परेशानी होती है अथवा मशीन के उपयोग की जानकारी नहीं है। फैसलिटेटर यात्रियों की ओर से एटीवीएम के माध्यम से टिकट निकालकर उन्हें उपलब्ध कराने के साथ-साथ मशीन से टिकट निकालने की प्रक्रिया की जानकारी भी देते हैं, जिससे यात्री भविष्य में स्वयं एटीवीएम का उपयोग कर सकें।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों को त्वरित, सरल एवं सुविधाजनक टिकटिंग सुविधा उपलब्ध कराना है। एटीवीएम फैसलिटेटर की सहायता से यात्रियों को बिना लंबी कतार में लगे टिकट प्राप्त करने की सुविधा मिल रही है। साथ ही, इस व्यवस्था के माध्यम से रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं।
पूर्व में एटीवीएम फैसलिटेटर के रूप में केवल सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों को नियुक्त किए जाने की योजना थी। इसमें संशोधन करते हुए अब आवश्यकता के अनुसार अन्य लोगों को भी एटीवीएम फैसलिटेटर के रूप में शामिल किया जा सकता है।
रतलाम मंडल द्वारा यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए अनारक्षित टिकटिंग व्यवस्था को अधिक सुलभ एवं सुविधाजनक बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में डिजिटल एवं स्व-सेवा आधारित टिकटिंग सुविधाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि यात्रियों को टिकट प्राप्त करने में कम समय लगे तथा स्टेशनों पर भीड़ एवं कतार को कम किया जा सके।