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 जावद.राजनीति जब राष्ट्र निर्माण और संस्कारों से जुड़ती है, तो जावद जैसा अद्भुत इतिहास रचती है। अपनी दूरदर्शी सोच, बच्चों के प्रति अगाध वात्सल्य और अनोखे शैक्षणिक प्रयोगों के लिए विख्यात क्षेत्रीय विधायक श्री ओमप्रकाश सकलेचा ने एक बार फिर समूचे भारत में जावद विधानसभा का मस्तक गर्व से ऊंचा कर दिया है। 
शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले साधारण परिवारों के बच्चों को असाधारण बनाने, उन्हें आत्मनिर्भरता का पाठ पढ़ाने और उनके भीतर सेवा के संस्कार रोपने के उद्देश्य से विधायक सकलेचा ने देश के इतिहास में अपनी तरह के पहले और अनूठे सामाजिक नवाचार का शंखनाद किया है।
विधायक सकलेचा ने भावुक मन से बताया कि शासकीय स्कूलों के इन नौनिहालों के भविष्य को संवारने का यह पुनीत बीड़ा उन्होंने परम पूज्य जैन संत आचार्य श्री आचार्य श्री विजय रत्न सुंदर सुरीश्वर जी महाराज साहब की पावन आध्यात्मिक प्रेरणा से उठाया है। आज पूरे हिंदुस्तान में जावद एकमात्र ऐसा आदर्श विधानसभा क्षेत्र बन चुका है, जहां बच्चों के भीतर इस अभिनव ढंग से राष्ट्र सेवा के बीज बोए जा रहे हैं।

*प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर लगातार तीसरे वर्ष 'सेवा से प्रसन्नता' का महा-अनुष्ठान*
जावद की माटी को विकास पथ पर अग्रसर करने वाले जनप्रिय विधायक ओमप्रकाश सकलेचा ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन (17 सितंबर) के पावन अवसर पर अपने सेवा संकल्प को एक बार फिर चरितार्थ किया। इस वर्ष लगातार तीसरे वर्ष "सेवा से प्रशंसा" कार्यक्रम का भव्य और गरिमामय महा-अनुष्ठान आयोजित किया गया। इस ऐतिहासिक मुहिम के तहत जावद क्षेत्र के सभी शासकीय विद्यालयों के कक्षा 6 से 12 तक के 14,000 छात्र-छात्राओं को उनके सेवा भाव, प्रदर्शन के लिए सीधे सेवा राशि प्रदान की गई।

*विधायक स्वेच्छानुदान की तिजोरी बच्चों के सपनों के नाम, बांटे ₹45 लाख*
शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों के प्रति पितातुल्य संवेदनशीलता और स्नेह रखने वाले विधायक सकलेचा ने अपने विधायक स्वेच्छानुदान की राशि को बच्चों के सुनहरे कल के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कुल ₹45 लाख की प्रोत्साहन राशि सीधे बच्चों के खातों और प्रोत्साहन स्वरूप वितरित की। 

*इस कल्याणकारी योजना के अंतर्गत*
कक्षा 6 से 8 तक के नन्हे बच्चों को: ₹200 प्रति विद्यार्थी।
कक्षा 9 से 12 तक के होनहार विद्यार्थियों को ₹500 प्रति विद्यार्थी की दर से राशि सौंपी गई, ताकि वे अपने विवेक से जरूरतमंदों की छोटी-मोटी जरूरतों को और सेवा के कार्य कर सकें।

*बच्चे ही देश का उज्जवल भविष्य, सेवा की प्रेरणा से ही सम्भव है आत्मनिर्भरता* सकलेचा कार्यक्रम में बच्चों को दुलारते हुए विधायक श्री ओमप्रकाश सकलेचा ने अपने संबोधन में कहा कि, 
"हमारे शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाला एक-एक बच्चा भारत माता का उज्जवल भविष्य है। शिक्षा का असली मकसद सिर्फ किताबी ज्ञान या डिग्रियां बांटना नहीं है, बल्कि बच्चों में बचपन से ही नैतिक मूल्यों, देशप्रेम और मानव सेवा के संस्कारों का बीजारोपण करना है।" उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जब हमारा युवा वर्ग सेवा भाव की ऊर्जा लेकर आगे बढ़ेगा, तभी वह जीवन की हर चुनौती को पार कर सच्चे मायनों में आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बन सकेगा। 
विधायक सकलेचा ने यह संकल्प दोहराया कि जावद का हर बच्चा आने वाले समय में देश का सबसे आदर्श, सशक्त और संस्कारी नागरिक बनकर उभरेगा।