📰 पूरी खबर:
उदयपुर.भाजपा को कांग्रेस से महज़ 99,615 वोट अधिक मिले हैं। आंकड़ा छोटा है, लेकिन इसके राजनीतिक मायने बेहद बड़े हैं। खासकर इसलिए, क्योंकि शहरी मतदाताओं का झुकाव परंपरागत रूप से भाजपा के पक्ष में माना जाता रहा है।विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा कांग्रेस से 8,56,955 वोट आगे थी।
पंचायतराज चुनावों में कांग्रेस परंपरागत रूप से मजबूत प्रदर्शन करती रही है। यदि पंचायत चुनाव में कांग्रेस भाजपा से आगे निकलने में सफल होती है, तो भाजपा के भीतर सरकार की कार्यप्रणाली, संगठन की सक्रियता, नीतियों की स्वीकार्यता और जनता से राजनीतिक जुड़ाव हर स्तर पर गंभीर आत्ममंथन की जरूरत होगी।
Total - 1,06,16,434
BJP - 37,35,567
INC - 36,35,952
IND - 29,06,787
NOTA - 109,523
RLP - 100,277
AAP - 49,829
CPIM - 34,170
BSP - 30,179
BAP - 14,150
NPP - 0
Total: 309 Local Bodies | Wards: 10,244
अब जरा पंचायत चुनाव की तरफ देखिए…
शहर में कांग्रेस ने फासला लगभग मिटा दिया और गांव की राजनीति में कांग्रेस की पकड़ पहले से मजबूत मानी जाती है।
ऐसे में अगर पंचायत चुनाव में कांग्रेस भाजपा से आगे निकलती है, तो फिर सिर्फ नतीजे नहीं आएंगे… सरकार और संगठन के प्रदर्शन की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सामने आएगी।
फिर शायद सवाल यह नहीं होगा कि
“कांग्रेस कितनी मजबूत हुई?”
सवाल यह होगा कि—
भाजपा का 2023 वाला वोट बैंक आखिर गया कहां?
संगठन जमीन पर था या सिर्फ कागजों में?
सरकार की योजनाएं जनता तक पहुंचीं या प्रेस कॉन्फ्रेंस तक?
और सबसे बड़ा सवाल—जनता से राजनीतिक कनेक्शन कमजोर तो नहीं पड़ रहा?
निकाय चुनाव ने फासला घटाया है…
अब पंचायत चुनाव अगर तस्वीर पलट देता है, तो राजस्थान की सियासत में कई लोगों की नींद जरूर उड़ सकती है।