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 नीमच।विवेकानंद बाल कल्याण समिति द्वारा संचालित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर नीमच सीबीएसई में बालिका शिक्षा के अंतर्गत श्रावण मास की पावन बेला में भक्ति, श्रद्धा एवं भारतीय संस्कृति से ओत-प्रोत भव्य कावड़ यात्रा का आयोजन किया गया। बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए शिवभक्ति एवं भारतीय संस्कारों की अनुपम छटा प्रस्तुत की।
 पूजन-अर्चन के साथ हुआ शुभारंभ
कावड़ यात्रा के शुभारंभ से पूर्व विद्यालय परिसर में समिति अध्यक्ष श्री प्रहलाद राय जी गर्ग, प्राचार्य श्रीमती कविता जिंदल दीदी एवं समिति के अन्य सम्माननीय सदस्यों द्वारा शिवलिंग एवं कावड़ों का विधिवत पूजन-अर्चन एवं मंगलाचरण किया गया। भगवान शिव का पूजन कर यात्रा के सफल, मंगलमय एवं निर्विघ्न आयोजन की प्रार्थना की गई।
श्रद्धा और उत्साह के साथ निकली यात्रा
पूजन के पश्चात कक्षा छठी से नवी तक की 100 से अधिक  बालिकाएँ सफेद गणवेश में सुसज्जित एवं आकर्षक कावड़ों के साथ भक्तिभाव से यात्रा के लिए रवाना हुईं।
विद्यालय परिसर से प्रारंभ हुई कावड़ यात्रा
 बंसल चौराहा, गायत्री मंदिर,भागेश्वर मंदिर
तक पहुँची, जहाँ यात्रा का विधिवत समापन किया गया।
पुष्पवर्षा से हुआ भव्य स्वागत
यात्रा के मार्ग में श्रद्धालुओं एवं विद्यालय परिवार द्वारा पुष्पवर्षा कर कावड़ बहनों का आत्मीय एवं भव्य स्वागत किया गया। हर-हर महादेव के जयघोष एवं बालिकाओं के उत्साह से संपूर्ण मार्ग भक्तिमय हो उठा।
 शिव-पार्वती एवं गणेश जी बने आकर्षण का केंद्र
कावड़ यात्रा का विशेष आकर्षण शिव-पार्वती एवं गणेश जी की वेशभूषा में सजी बालिकाएँ रहीं। उनके मनमोहक एवं दिव्य स्वरूप ने सभी का मन मोह लिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं भगवान शिव, माता पार्वती एवं गणेश जी भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करने के लिए यात्रा में विराजित हुए हों। उनके मनोहारी स्वरूप ने यात्रा की भव्यता में चार चाँद लगा दिए।
 भागेश्वर मंदिर में हुआ समापन
भागेश्वर मंदिर पहुँचने पर सभी कावड़ों की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। बालिकाओं ने पूरे मार्ग में अनुशासन, श्रद्धा, उत्साह एवं भक्ति का अद्भुत परिचय दिया।
संपूर्ण यात्रा के दौरान “हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण शिवमय हो उठा।  संस्कार और संस्कृति का संदेश
यह कावड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन न होकर बालिकाओं में भारतीय संस्कृति, संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक सहभागिता के भावों को विकसित करने का एक सार्थक प्रयास रही।
बालिकाओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने यह संदेश दिया कि हमारी बेटियाँ आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ अपनी गौरवशाली संस्कृति एवं परंपराओं को भी पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ आगे बढ़ा रही हैं.
उक्त जानकारी बालिका शिक्षा प्रमुख
श्रीमती सुमन सोनी द्वारा प्रदान की गई।