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मावली। यूजीसी कानून रोलबैक की मांग को लेकर सोमवार को राजधानी जयपुर में प्रदेशव्यापी विशाल प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदेशभर के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में छात्र, युवा एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता केसरिया ध्वज लेकर जयपुर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा

प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी कानून को वापस लेने की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति भी बनी। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया, जिसमें कई प्रदर्शनकारियों को चोटें आईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिलाओं के साथ भी सख्ती बरती गई।

उदयपुर से भी श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के सैकड़ों कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए और छात्रों के समर्थन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

इस अवसर पर श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना उदयपुर के जिला अध्यक्ष अर्जुन सिंह चुंण्डावत गढ़पुरा ने कहा, "सरकार को यह कानून हर हाल में वापस लेना होगा। जब तक यह कानून वापस नहीं लिया जाता, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार एक तरफ 'हम सब हिंदू भाई-भाई हैं' की बात करती है और दूसरी तरफ ऐसी नीतियां लागू कर रही है जिन्हें हम समाज को जातियों में बांटने वाला मानते हैं। हमारा मानना है कि सभी छात्रों और युवाओं को समान अवसर मिलने चाहिए। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया तथा महिलाओं के साथ भी सख्ती बरती गई, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। सरकार को दमनात्मक रवैया छोड़कर छात्रों और युवाओं की आवाज सुननी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से यूजीसी कानून को तत्काल रोलबैक करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा