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मनासा। भारतीय हलधर किसान यूनियन की नीमच जिला इकाई द्वारा बुधवार को किसानों, मजदूरों एवं ग्रामीणों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर मनासा एसडीएम कार्यालय में 16 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन राष्ट्रपति महोदय, केंद्रीय सचिव, राज्यपाल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के नाम एसडीएम मनासा को दिया गया। ज्ञापन का वाचन जिला अध्यक्ष रमेश गुर्जर ने किया।
यूनियन ने ज्ञापन में नीमच जिले में अल्प वर्षा के कारण उत्पन्न कृषि संकट का उल्लेख करते हुए जिले को अकाल प्रभावित घोषित करने तथा किसानों को राहत देने की मांग की। साथ ही सोयाबीन का समर्थन मूल्य ₹8,000 प्रति क्विंटल करने, खराब फसलों का सर्वे करवाकर मुआवजा एवं फसल बीमा राशि दिलाने तथा लंबित बीमा दावों का शीघ्र निराकरण करने की मांग रखी।
खाद-बीज वितरण व्यवस्था सरल करने की मांग
यूनियन ने सहकारी समितियों के माध्यम से खाद एवं बीज वितरण व्यवस्था को किसानों के लिए सरल बनाने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि किसानों को अनावश्यक टोकन व्यवस्था के कारण परेशानी न हो तथा उनकी आवश्यकता के अनुसार खाते के आधार पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए।
अफीम पट्टे एवं डोडाचूरा मामलों को लेकर भी मांगें
ज्ञापन में अफीम के नए पट्टे जारी करते समय चिराई व्यवस्था से जुड़े किसानों के हितों को प्राथमिकता देने तथा अफीम का तोल मूल्य बढ़ाने की मांग रखी गई। डोडाचूरा की खरीदी व्यवस्था को लेकर भी स्पष्ट नीति घोषित करने की मांग की गई।
यूनियन ने डोडाचूरा से जुड़े मामलों में वैज्ञानिक एवं प्रयोगशाला जांच के आधार पर कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। छोटे किसानों के पुराने डोडाचूरा प्रकरणों की समीक्षा कर पात्र किसानों को नियमानुसार राहत देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
बिजली व्यवस्था और किसानों पर कार्रवाई का मुद्दा उठाया
यूनियन ने विद्युत विभाग से किसानों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही संगठन ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव अथवा निजी दुर्भावना के कारण किसानों के कृषि उपकरणों के संबंध में गलत प्रकरण दर्ज नहीं किए जाने चाहिए। किसानों को अपने घरेलू स्तर पर फसल निकालने के लिए थ्रेसर आदि कृषि उपकरणों के उपयोग में नियमानुसार सुविधा देने की मांग रखी गई।
छोटे किसानों एवं किसान मजदूरों के ऋण में राहत की मांग
ज्ञापन में छोटे एवं सीमांत किसानों तथा किसान मजदूरों के ऋण को लेकर राहत की मांग भी रखी गई। यूनियन ने निजी बैंक एवं सहकारी संस्थाओं से जुड़े ऋण मामलों में पात्र जरूरतमंद किसानों को राहत देने की मांग की। संगठन की ओर से किसानों पर बढ़ते ब्याज एवं ऋण भार का मुद्दा उठाते हुए कर्ज राहत एवं पुराने ऋणों के संबंध में शासन स्तर पर नीति बनाने की मांग की गई।
दूध के भाव बढ़ाने और पशुपालन ऋण में पशु को ही सुरक्षा मानने की मांग
भारतीय हलधर किसान यूनियन ने पशुपालक किसानों के हित में भैंस एवं बकरी-भेड़ के दूध का भाव ₹100 प्रति लीटर तथा देशी गाय के दूध का भाव ₹80 प्रति लीटर तक किए जाने की मांग रखी।
इसके साथ ही पशुपालन ऋण में छोटे किसान एवं किसान मजदूरों के लिए जमीन की अतिरिक्त गारंटी की अनिवार्यता कम अथवा समाप्त करने तथा योजना एवं बैंकिंग नियमों के अनुसार संबंधित पशुओं को ही पर्याप्त सुरक्षा/गारंटी मानने की मांग की गई।
गांधीसागर बांध विस्थापितों को पट्टे एवं सस्ती बिजली की मांग
ज्ञापन में गांधीसागर बांध निर्माण के दौरान विस्थापित हुए परिवारों का मुद्दा भी उठाया गया। यूनियन ने कहा कि बांध निर्माण के समय जिन परिवारों की घर, मकान एवं कृषि भूमि प्रभावित हुई, उन्हें आज भी भूमि संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे परिवारों को नियमानुसार आवास एवं कृषि भूमि के पट्टे उपलब्ध कराने की मांग की गई।
साथ ही गांधीसागर बांध पर बंद पड़े विद्युत जनरेटर को चालू कर नीमच एवं मंदसौर जिले के मजदूर, किसान एवं छोटे व्यापारियों को सोसायटी के माध्यम से ₹1 प्रति यूनिट बिजली उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में रखी गई।
सरकारी जमीन एवं पुराने पट्टों की जांच की मांग
यूनियन ने ज्ञापन में सरकारी भूमि, पुराने पट्टों एवं भूमि आवंटन से जुड़े मामलों की जांच की मांग की। संगठन की ओर से कहा गया कि यदि कहीं फर्जी पट्टे अथवा नियम विरुद्ध भूमि आवंटन हुआ है तो उसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा पात्र छोटे किसान एवं मजदूर परिवारों के भूमि संबंधी अधिकारों की समीक्षा की जाए।
फोन-पे एवं गूगल-पे लेनदेन शुल्क का मुद्दा भी उठाया
16वीं मांग में डिजिटल भुगतान से जुड़े शुल्क का मुद्दा उठाते हुए यूनियन ने फोन-पे एवं गूगल-पे जैसे डिजिटल भुगतान माध्यमों पर कथित अतिरिक्त शुल्क/कर को हटाने की मांग की। संगठन ने डिजिटल भुगतान व्यवस्था एवं मुद्रा संबंधी अपनी विभिन्न मांगों को भी ज्ञापन में शामिल किया और केंद्र सरकार से इस संबंध में स्पष्ट नीति एवं राहत की मांग रखी।
जिला अध्यक्ष ने किया मांगों का वाचन
ज्ञापन का वाचन भारतीय हलधर किसान यूनियन के नीमच जिला अध्यक्ष रमेश गुर्जर ने किया। इस दौरान जिला सचिव गोपाल रेबारी, जिला ग्रामीण प्रवक्ता जगदीश भट्ट, अनिल भट्ट, तहसील संगठन मंत्री कारूलाल रावत, पप्पूपाल, शिवलाल रावत, गोपाल मीणा, नानालाल, उपाध्यक्ष राजाराम रावत , मुकेश, विशु पटीदार ने सभी का आभार व्यक्त किया व्यापारी संघ की और से लाला समदानी ने समर्थन किया और संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
यूनियन ने प्रशासन से 16 सूत्री मांगों को शासन स्तर तक भेजकर किसानों, मजदूरों एवं ग्रामीण परिवारों की समस्याओं पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।