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जयपुर । राजस्थान ने कृषि क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मंतव्य तकनीकी से प्रगति का लाभ किसानों को मिले के अनुरूप राजस्व एवं कृषि विभाग के समन्वित प्रयासों से प्रदेश ने भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा निर्धारित 90.19 लाख किसान आईडी के लक्ष्य को शत-प्रतिशत हासिल कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ राजस्थान 100 प्रतिशत किसान आईडी लक्ष्य हासिल करने वाला उत्तर भारत का पहला तथा देश का छठा राज्य बन गया है।
वर्ष 2015-16 की कृषि गणना के अनुसार प्रदेश में 76.54 लाख ऑपरेशनल होल्डिंग के मुकाबले किसान आईडी की उपलब्धि करीब 118 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इस आधार पर राजस्थान देश में तीसरे स्थान पर है। यह उपलब्धि कृषि क्षेत्र में तकनीक के व्यापक उपयोग, राजस्व एवं कृषि विभाग के बेहतर समन्वय, आधार एवं भू-अभिलेखों के एकीकरण तथा फील्ड स्तर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। एग्रीस्टेक भारत सरकार द्वारा विकसित किया जा रहा कृषि क्षेत्र का डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर है। इसका उद्देश्य किसानों, उनकी कृषि भूमि और फसलों से संबंधित सत्यापित डिजिटल जानकारी को एकीकृत करते हुए सरकारी योजनाओं एवं कृषि सेवाओं की डिलीवरी को अधिक सरल, तेज, पारदर्शी और लक्षित बनाना है।किसान आईडी के माध्यम से किसान की विशिष्ट डिजिटल पहचान को उसकी कृषि भूमि से जोड़ा जा रहा है। इससे योजनाओं की पात्रता निर्धारित करने और सेवाओं को सही लाभार्थी तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। भविष्य में यह व्यवस्था कृषि ऋण, गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान, स्थानीय एवं आवश्यकता आधारित कृषि सलाह तथा बाजार सेवाओं तक किसानों की पहुंच को भी बेहतर बनाने में सहायक हो सकती है। इस प्रकार किसान आईडी केवल किसानों का डिजिटल डेटाबेस नहीं, बल्कि एकीकृत एवं किसान-केंद्रित डिजिटल कृषि सेवाओं की आधारभूत संरचना के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। राज्य में एग्रीस्टैक आयुक्तालय की स्थापना कृषि विभाग में की जा रही है तथा कृषि आयुक्त को एग्रीस्टैक आयुक्तालय के आयुक्त के रूप में नामित किया गया है। एग्रीस्टैक डेटा का एपीआई के माध्यम से विभिन्न विभागीय कार्यक्रमों एवं योजनाओं के साथ एकीकरण किया जा रहा है।