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नीमच.‘देश के प्रति मर मिटने की भावना तथा आंतरिक व बाहरी दुश्‍मनों से देशवासियों की रक्षा करना यही सी.आर.पी.एफ. के जवानों  का प्रथम कर्तव्य है। शांति, धैर्य, सहयोग, वफादारी व ईमानदारी जैसी बातें हर देशवासी के खून में समाहित रहे और अपनी स्वरक्षा के साथ देश व समाज की रक्षा का उत्तरदायित्व भी सभी को अपनाना होगा ।’’ उक्त विचार ब्रह्माकुमारी संस्थान की सबझोन संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने सी.आर.पी.एफ. आरटीसी के नव प्रशिक्षणार्थी 2000 से अधिक जवानों को संबोधित करते हुए व्यक्त किये । इस अवसर पर वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बी.के.श्रुति दीदी ने सभी जवानों से आव्हान किया कि ये अनमोल ईश्‍वरीय रक्षासूत्र धारण करने से पूर्व सभी अपने अंदर उमंग-उत्साह के नये संस्कार धारण करें, जिससे हमारा अपना नया संसार स्वत: बन जाएगा और तनाव या डिप्रेशन हमारे आसपास भी नहीं फटकेगा । आपने सभी जवानों व अधिकारियों से आव्हान किया कि अपने अंर्तमन में झांककर उस किसी बुराई अथवा बुरी लत का आज दृढ़ प्रतिज्ञा कर त्याग करके यह रक्षासूत्र धारण करें जिससे सर्वशक्तिवान परमात्मा की रक्षा सदैव आपको मिलती रहे । 
आरटीसी के प्राचार्य डीआईजी श्री प्रमोद कुमार सिंह ने अतिथि ब्रह्माकुमारी बहनों व साथियों का अपने कार्यालय में स्वागत किया व आत्मस्मृति का तिलक लगवाकर ईश्‍वरीय रक्षासूत्र धारण किया । कमाण्डेंट श्री छुट्टन सिंह ने भी रक्षासूत्र पहना । कार्यक्रम की शुरूआत में असिस्टेंट कमाण्डेंट श्री रामगोपाल ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया तथा अंत में आभार प्रदर्शन भी किया । 
बी.के.सविता दीदी, श्रुति दीदी व साथी अन्य आठ ब्रह्माकुमारी बहनों ने बहन भावना कस्तुरी व श्रीमती संदेश सेन के साथ मिलकर 2000 से अधिक जवानों को आत्मस्मृति का तिलक लगाकर ईश्‍वरीय रक्षासूत्र बांधा एवं सभी का मुख मीठा कराया गया ।