📰 पूरी खबर:

तिलस्वां.श्री तिलस्वां महादेव में मंदिर महंत, पुजारी गण,विद्वान् पंडितो व शिव भक्तों द्वारा पवित्र कुंड में श्रावणी उपाकर्म किए गए।

आचार्य छीतर गोड़ द्वारा श्रावण पूर्णिमा पर के श्रावणी उपाकर्म के अंतर्गत हेमाद्रि संकल्प हमारे द्वारा वर्ष में हुए ज्ञात अज्ञात दुषित कर्मों का प्रायश्चित किया गया।

दश विधि स्नान  औषधि युक्त  गोमूत्र, गोबर, दोब, पिली मिट्टी, सोना, चांदी, गंगा जल सहित दस पदार्थो से स्नान किया जाता है जो  कई प्रकार के रोगों को नष्ट करने वाला है।

साथ ही  देव, ऋषि, पितृ तर्पण  सनातन धर्म आदि विधिविधान से करवाएं।

ततपश्चात् नूतन यज्ञोपवीत धारण,ऋषि पूजन, यज्ञ एवं आरती के साथ यह अनुष्ठान किया गया । 
विभन्न गौत्र के विद्वान् पंडितो के वैदिक मंत्रोचार के साथ श्री तिलस्वां महादेव यज्ञ शाला में अनुष्ठान कर महंत पूर्णा शंकर पाराशर को यज्ञोपवीत धारण करवाई।

पाराशर पुजारी परिवार के तत्वाधान में पुजारी घनश्याम पाराशर, पुजारी गिरधर पाराशर, विशाल पाराशर, आनंद पाराशर, उमेश पाराशर ने पंडितो का सम्मान किया।

इस अवसर पर ट्रस्ट सचिव मांगीलाल धाकड़, पंडित नंद लाल शर्मा, पंडित कैलाश शर्मा ,  पंडित आशीष गोड़ , पंडित मुकेश व्यास , पंडित गणेश गोड़ , पंडित राकेश गोड़ , पंडित ओम शर्मा , पुष्कर शर्मा, ऊकार शर्मा सहित कई लोग उपस्थित थे।