📰 पूरी खबर:

 

      अधिकारियों ने अधिक खरपतवार प्रभावित खेतों में समय पर निंदाई-गुड़ाई कराने की सलाह देते हुए वर्तमान मौसम के अनुरूप फसलों के समुचित प्रबंधन एवं आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय अपनाने पर बल दिया।

      इसके पश्चात संयुक्त दल ने शासकीय कृषि प्रक्षेत्र महागढ़ का निरीक्षण कर सोयाबीन फसल की स्थिति, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा प्रक्षेत्र में चल रहे खरपतवारनाशी स्प्रे कार्य की गुणवत्ता एवं प्रगति का अवलोकन किया। इस दौरान फसलों की नियमित मॉनिटरिंग, वैज्ञानिक कृषि प्रबंधन एवं समयबद्ध खरपतवार नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि फसलों की स्वस्थ वृद्धि एवं बेहतर उत्पादन सुनिश्चित हो सके।

      भ्रमण के दौरान किसानों को उर्वरक वितरण की ई-विकास प्रणाली के माध्यम से ई-टोकन बुक करने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। किसानों ने बताया कि इस व्यवस्था से उन्हें उर्वरक प्राप्त करने में सुविधा हो रही है तथा निर्धारित मूल्य पर पारदर्शी तरीके से खाद उपलब्ध हो रही है।

      उप संचालक कृषि ने किसानों से अपील की कि उर्वरक, बीज अथवा कीटनाशक दवाइयां खरीदते समय विक्रेता से पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें। यदि कोई विक्रेता बिल देने से इनकार करे अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूल करे, तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें, ताकि संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सके।