📰 पूरी खबर:
नीमच ।उद्यानिकी विभाग द्वारा एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के अंतर्गत किसानों को बागवानी, सब्जी, पुष्प, मसाला, संरक्षित खेती,जैविक खेती, कृषि यंत्रीकरण तथा फसलोत्तर प्रबंधन से संबंधित विभिन्न गतिविधियों पर 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जा रहा है। विभाग ने जिले के किसानों से अधिक से अधिक संख्या में ऑनलाइन पंजीयन कर शासन की इन लाभकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की है।योजना के तहत आम, अमरूद, अनार एवं नींबू वर्गीय फलों के नए बगीचों की स्थापना के लिए सामान्य दूरी पर प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये तथा उच्च घनत्व (हाई डेंसिटी) बगीचों के लिए प्रति हेक्टेयर 80 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। इसी प्रकार हाईब्रिड सब्जियों की खेती पर प्रति हेक्टेयर 24 हजार रुपये तथा खुली परागण (ओपन पोलिनेटेड) वाली प्याज एवं अन्य सब्जियों की खेती पर प्रति हेक्टेयर 20 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा।
पुष्प क्षेत्र विस्तार के अंतर्गत खुले क्षेत्र में फूलों की खेती तथा बीजीय मसालों की खेती के लिए भी प्रति हेक्टेयर 20 हजार रुपये का अनुदान निर्धारित किया गया है। संरक्षित खेती के तहत शेडनेट हाउस, पॉलीहाउस में उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती, मल्चिंग एवं फ्रूट बंच कवर जैसी गतिविधियों पर 50 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्थायी वर्मी कम्पोस्ट यूनिट की स्थापना पर भी अनुदान का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त कृषि यंत्रीकरण के अंतर्गत पावर टिलर तथा फसलोत्तर प्रबंधन के तहत प्याज एवं लहसुन भंडारण संरचना की स्थापना पर भी पात्रतानुसार 50 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जाएगा।योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान https://mpfsts.mp.gov.in/ पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। पंजीयन के लिए पासपोर्ट आकार का फोटो, बैंक पासबुक की छायाप्रति, खसरा की नकल, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के आवेदकों के लिए जाति प्रमाण-पत्र आवश्यक होगा।योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए किसान विकासखंड उद्यानिकी अधिकारी, नीमच, जावद एवं मनासा कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।