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नई दिल्ली। 28 और 29 सितंबर 2016 की रात को, उरी आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार जाकर आतंकवादियों के ठिकानों पर सटीक और लक्षित सर्जिकल स्ट्राइक की थी। ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई की 10 वर्षगांठ के मौके पर, देश भर के नेताओं ने मां भारती के वीर सपूतों के असाधारण शौर्य, पराक्रम और अदम्य साहस को सलाम किया है। इस अवसर पर ये नया भारत है घर में घुसकर मारता है जैसे ओजस्वी नारों ने राष्ट्र के नए और निर्णायक संकल्प को दोहराया।
केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम के प्रतीक सर्जिकल स्ट्राइक दिवस पर वीर सैनिकों को कोटि-कोटि नमन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए उनका अद्वितीय साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा हम सभी के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने वीर जवानों के इस पराक्रम को देशवासियों में राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण की भावना को और मजबूत करने वाला बताया।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी सर्जिकल स्ट्राइक दिवस पर भारतीय सेना का सम्मान कर उनकी निर्णायक कार्रवाई को भारत के सुरक्षा इतिहास में गौरवपूर्ण अध्याय बताया। वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने भी राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अदम्य साहस का परिचय देने वाले भारतीय वीर जवानों को नमन किया। उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने जोर दिया कि देश की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा के लिए भारतीय सेना के जवानों ने साहस, शौर्य और अदम्य संकल्प का परिचय दिया, जो प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव का विषय है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने भी मां भारती के वीर सपूतों के शौर्य और पराक्रम को सलाम किया।
छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री केदार कश्यप ने अपने बयान में राष्ट्र के दृढ़ निश्चय को मुखर कर कहा, ये नया भारत है घर में घुसकर मारता है..!! उन्होंने गौरवमयी 10वीं वर्षगांठ को शौर्य दिवस बताकर भारतीय सेना के पराक्रम को सादर नमन किया। दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी शौर्य दिवस पर वीर सपूतों को नमन कर स्मरण किया कि 29 सितंबर 2016 को सेना ने आतंक के खिलाफ अपने अदम्य साहस और अडिग संकल्प का परिचय देकर पूरी दुनिया को भारत की निर्णायक शक्ति का संदेश दिया था। उन्होंने इस कार्रवाई को शांति में विश्वास रखने वाले, लेकिन राष्ट्र की सुरक्षा से कोई समझौता न करने वाले नए भारत के संकल्प को मजबूती देने वाला बताया। सर्जिकल स्ट्राइक की यह वर्षगांठ न केवल भारतीय सेना के अदम्य साहस और बलिदान को याद दिलाती है, बल्कि यह देशवासियों में राष्ट्र गौरव और सुरक्षा के प्रति अटूट समर्पण की भावना को भी पुष्ट करती है।