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5,000 से अधिक बस मार्ग होंगे विकसित, 30 लाख से ज्यादा यात्रियों को मिलेगी सुविधा

मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड के विज़न 2030-31 के तहत प्रदेश में सार्वजनिक बस परिवहन का व्यापक विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अंतर्गत 15,000 से अधिक सार्वजनिक बसों का संचालन होगा और 5,000 से अधिक बस मार्ग विकसित किए जाएंगे। विज़न के अनुसार, प्रतिदिन 30 लाख से अधिक यात्रियों को बस सेवा से जोड़ने का लक्ष्य है। प्रदेश में 180 से अधिक बस डिपो एवं टर्मिनल विकसित किए जाएंगे। चरणबद्ध तरीके से प्रदेश की 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस नेटवर्क से सीधा जोड़ा जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को शिक्षा, रोजगार, इलाज, व्यापार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आवागमन की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

मोबाइल पर मिलेगी बसों की लोकेशन, डिजिटल टिकटिंग की सुविधा

प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने के लिए डिजिटल तकनीक का उपयोग बढ़ाया जा रहा है। इसके अंतर्गत यात्रियों को मोबाइल पर बसों की लोकेशन, उनके आने-जाने का समय और निर्धारित मार्ग की जानकारी डिजिटल रूप से उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इंदौर में सिटी बस यात्रियों के लिए बस पास की व्यवस्था भी की गई है। डिजिटल टिकट और ऑनलाइन भुगतान से यात्रियों के लिए टिकट लेना आसान हुआ है। टिकटों की डिजिटल निगरानी से किराये से होने वाली आय में पारदर्शिता आएगी और गड़बड़ी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। बसों में सीसीटीवी कैमरे सहित अन्य सुरक्षा प्रणालियां लगाने से यात्रियों की सुरक्षा को बेहतर बनाया जा रहा है।

पीपीपी मॉडल से बसों का संचालन

प्रदेश में बस परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल अपनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत निजी बस संचालकों का चयन पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के माध्यम से किया जा रहा है। बसों के संचालन, समय-सारणी, यात्री सुरक्षा और सेवा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नियम तय किए गए हैं। बस संचालकों को बसों के रखरखाव, चार्जिंग और संचालन के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही चालकों, परिचालकों और अन्य संबंधित कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर जोर दिया जा रहा है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित, समयबद्ध और बेहतर परिवहन सेवाएं मिल सकें।