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स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। इसके अंतर्गत पौधरोपण, जैविक कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन तथा इलेक्ट्रॉनिक कचरे के संग्रहण, पृथक्करण और सुरक्षित निपटान जैसी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

मिशन शक्ति एवं मिशन वात्सल्य के अंतर्गत संचालित बाल देखरेख संस्थाओं, वन स्टॉप सेंटर, सखी निवास और शक्ति सदन में पानी की टंकियों की सफाई, शौचालयों का सैनिटाइजेशन तथा खिड़कियों की जालियों सहित संस्थागत परिसरों की विशेष साफ-सफाई की जाएगी। स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए चित्रकला और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी। अभियान के दौरान स्वच्छता व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सफाई मित्रों को सम्मानित किया जाएगा।

स्वच्छता के साथ जनसमस्याओं के समाधान पर भी विशेष जोर

राज्य में 30 अक्टूबर को जनसमस्या निवारण दिवस के रूप में भी मनाया जाएगा। इस दौरान पोषण सेवाओं और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से संबंधित शिकायतों के अधिकतम निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य महिलाओं, बच्चों और पात्र हितग्राहियों को विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ सुगमता से उपलब्ध कराना है।

अभियान की प्रभावी निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित संस्थाओं को स्वच्छता कार्यों के पहले और बाद के छायाचित्र लेने तथा गतिविधियों का विवरण संबंधित पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।