📰 पूरी खबर:
- जिला-संभागवार तैयार होगी सूची, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के आवेदकों का अलग-अलग ब्योरा जुटाएगा माध्यमिक शिक्षा मंडल
भोपाल । मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब आवेदकों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी। माध्यमिक शिक्षा मंडल को कर्मचारी चयन मंडल से आवेदकों का पूरा ब्योरा मिलने के बाद जिला और संभागवार सूची तैयार की जाएगी। इसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों की संख्या अलग-अलग दर्ज होगी। इसी आधार पर परीक्षा केंद्रों की संख्या और उनके स्थान तय किए जाएंगे। प्रदेश में करीब डेढ़ लाख संभावित शिक्षकों में से केवल 32,400 ने ही परीक्षा के लिए आवेदन किया है। आवेदन की अंतिम तारीख 11 अक्टूबर थी। दो बार समयसीमा बढ़ाने के बावजूद आवेदकों की संख्या में खास इजाफा नहीं हुआ। अब वास्तविक आवेदकों की संख्या के आधार पर परीक्षा की तैयारियां आगे बढ़ाई जाएंगी।
स्कूल शिक्षा विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सितंबर में शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 11 अक्टूबर निर्धारित की गई थी। कुल आवेदकों में करीब 20 हजार सरकारी स्कूलों के शिक्षक और 12,400 निजी स्कूलों के शिक्षक बताए जा रहे हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब माध्यमिक शिक्षा मंडल को कर्मचारी चयन मंडल से आवेदकों की पूरी सूची मिलने का इंतजार है।
जिला-संभागवार सूची से तय होंगे परीक्षा केंद्र
आवेदकों की सूची मिलने के बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल उनके पदस्थापना स्थल और क्षेत्र के आधार पर जानकारी तैयार करेगा। इसमें यह दर्ज किया जाएगा कि किस जिले और संभाग से कितने शिक्षकों ने आवेदन किया है। साथ ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के आवेदकों का अलग-अलग ब्योरा भी तैयार होगा। इस जानकारी के आधार पर परीक्षा केंद्रों की संख्या, उनकी क्षमता और स्थान निर्धारित करने में मदद मिलेगी। इससे परीक्षा के आयोजन के लिए जरूरी व्यवस्थाओं का आकलन किया जा सकेगा।
दशहरे के बाद बैठक, तारीख पर होगा फैसला
परीक्षा की तारीख और केंद्रों के निर्धारण को लेकर दशहरे के बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव बुद्धेश वैद्य, लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह सहित संबंधित अधिकारियों की बैठक प्रस्तावित है। इसमें आवेदकों की संख्या, क्षेत्रवार स्थिति और परीक्षा कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा होगी। बैठक में परीक्षा की तारीख तय करने पर भी विचार किया जाएगा। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर सकता है।
32 हजार से अधिक पदोन्नतियों का मामला भी अटका
प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के 32 हजार से अधिक पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया भी शिक्षक पात्रता परीक्षा के इंतजार में अटकी हुई है। परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले सरकारी शिक्षकों को रिक्त पदों की उपलब्धता और अन्य निर्धारित शर्तों के आधार पर पदोन्नति मिलने की संभावना है। विभागीय स्तर पर जनवरी में परीक्षा परिणाम आने की स्थिति में पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। हालांकि, इसका वास्तविक स्वरूप परीक्षा परिणाम और उपलब्ध रिक्त पदों पर निर्भर करेगा।
परीक्षा के विरोध में शिक्षक संगठन भी सक्रिय
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद 22 दिसंबर तक आंदोलन स्थगित कर चुका अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा पात्रता परीक्षा नहीं कराने की मांग पर कायम है। संगठन चाहता है कि विधानसभा में संकल्प पारित कर केंद्र सरकार को कानून में बदलाव का प्रस्ताव भेजा जाए, जैसा तमिलनाडु सरकार ने किया है। हालांकि, राज्य सरकार ने अब तक इस मांग को मंजूरी नहीं दी है। ऐसे में एक ओर परीक्षा की तारीख और केंद्र तय करने की तैयारियां चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षक संगठनों का विरोध भी जारी है। अब परीक्षा की तारीख घोषित होने और सरकार के अगले कदम पर शिक्षकों की नजर रहेगी।