📰 पूरी खबर:



भादवामाता(निप्र) मालवा मेवाड की वेष्णौदेवीं के नाम से सुप्रसिद्ध-महामाया भादवामाता के चमत्कारीक स्थल एवं शक्तिं स्वरुपा माँभादवा जो कि अपने अलग अलग स्वरुप में प्रकट होकर अपने भक्तों के समस्त दुखः दूर करती है।इसी प्रकार से यहां शारदीय मास की नवरात्रि के चलते आज छःठे दिन भी शुक्रवार के होने से कई कोसों एवं दूरदराज सें बड़ी ही आस्था लेकर आए यहां भक्तों का सैलाब भी देखने को मिल रहा है। इसी प्रकार से माँभादवा के दरबार में कोई पैदल पैदल नंगें-2पाँव चलकर आ रहाँ तो कोई चुनरी यात्रा लेकर आ रहा है। इस सच्चै दरबार में सभी भक्त जयकारें लगाते हुए माँभादवा का आर्शीवाद ले रहे है।
यहां पर सुबह से शाम तक अनगिनत संख्या में हजारों की संख्या में श्रद्धालु माँ की चौखट पर अपना मत्था टेक कर सुखद एवं स्वस्थ्य जीवन बनाए रखने का ले रहे आर्शीवाद तो वही भक्त जन माँभादवा के स्थल पर प्रातः 4:30बजे रोजाना नंगे नंगे पांव से पैदल चलकर आ रहे है।आगंतुक श्रद्धालु जन माँभादवा के जयकारों के साथ में कतारबद्ध होकर अलग अलग महिला-पुरुषों की लाईनों से होकर माँभादवा के दर्शन करके माँभादवा से प्रार्थना कर रहे की सभी और क्षैत्र में सुखशांति एवं सृमद्धि बनाए रखे। इसी प्रकार यहां माँभादवा की भभूति एवं अमृत जल का सेवन करते है। और माँभादवा के दरबार में सभी भक्तों की मनोंकामनाएँ पूर्ण करने वाली माँभादवा जो बड़े ही अलौकिक श्रृंगार के साथ में यहा चांदी के सिंहासन पर अपनी ध्यान मुद्रा में बिराजमान है। और यहां माँभादवा के दरबार में माँ की अखंड ज्यौति भी कई वर्षों से निरंतर जल रही है।
इसी प्रकार से यहां पर शासन प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भी सुविधा दृष्टि को लेकर भी अतिआवश्यक रुप से व्यवस्थाएं की गई है। इस शारदीय नवरात्रि में दो सप्तमी की गई है। शनिवार17अक्टू. और 18अक्टू. रविवार और महाअष्टमी हवन 19 अक्टू. सोमवार को है। यहां के संस्थान प्रबंधक अजयऐरन एवं पटवारी विजय कुमार सेवक द्वारा बताया गया। कि मंदिर परिसर से लगाकर बाहर मेला प्रागंण तक 60 सीसीटीवी केंमरों की व्यवस्थाए की गई है। जिससे हर प्रकार से सतत्  मानिटरिंग की जा रही है।
इसी तरह श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर में 8×8 की 2 स्क्रीन माँभादवा के  दर्शन व्यवस्था के लिए मंदिर परिसर में अस्थाई पुलिस चौकी के यहां लगाई गई और दुसरी आगे की और पाथवे के बीच में लगाई गई है।इसी प्रकार से यहां पर आगंतुक श्रद्धालुओं के लिए भी आवश्यक रुप से अग्रवाल समाज द्वारा भी भोजन प्रसादी व्यवस्था चल रही है। एवं भादवामाता के अन्नक्षैत्र में भी भोजन-प्रसादी व्यवस्था  चल रही है।
 आवश्यक रुप से यात्रियों के ठहरने के लिए भी डोम-पाडांल बनाया गया है। और मेला क्षेत्र में आवश्यक रुप से बिजली व साफ सफाई और पेयजल व्यवस्था भी की गई। इसी प्रकार से सीसी टीवी केंमरों की व्यवस्थाए की गई। इसी प्रकार यहां मेले का मुख्य आकर्षण होता जो 
 विशेषकर-महाअष्टमी हवन का जो 19 अक्टूबर सोमवार की रात्रि समय में विधिवत रुप से माँभादवा के यज्ञ मंडप में विद्वान ब्राह्मण पंडितों के द्वारा मुख्य रुप से माँभादवा के दरबार के यज्ञ मंडप में पूजा अर्चना के साथ हवन के मुख्य यजमान ग्राम-पटेल निरंजन/ देवीलाल नागदा के द्वारा छोटी कन्या का वरण करवा कर हवन में अग्नि प्रज्वलित की जाती है। और जोरदार माँभादवा के जयकारों के बीच यहां हवन में विशेषरूप- से आहूतियाँ देनी शुरु हो जाएगी तो हवन के बीच लगाते ताबें के पात्र घड़े में समाज सेवी भक्त इस लगे घड़े में घी से पूरा भरेगे जो हवन में गिरता रहेगा। यह हवन रात्रि भर चलकर इसकी पूर्णाहुति 4बजे ब्रह्मामुहूर्त समय में होने के साथ ही महाआरती होगी और इस शारदीय नवरात्रि पूर्ण व मेले का समापन हो जाएगा इसी प्रकार से यहां पर आवश्यक रुप से बस स्टैंड के समीप में वाहन पार्किंग व्यवस्था की गई टूव्हीलर और फोरव्हीलर के लिए।यहां जिले के सभी सबंधित विभागों के अधिकारी कर्मचारी अपनी अपनी सेवाएं देते है। और यहां शारदीय नवरात्रि मेला भी सम्पन्न हो जाएगा।