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उदयपुर। उदयपुर की धानमंडी थाना पुलिस ने धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए वर्ष 1984 से फरार चल रहे उद्घोषित अपराधी विजय कुमार यादव को हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले कई दशकों से अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग राज्यों में फुटबॉल कोच बनकर रह रहा था। पुलिस ने उसे हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के नाहन स्थित चौगान खेल मैदान से गिरफ्तार किया।
जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देश पर वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश ओझा और वृत्ताधिकारी राजेश यादव के सुपरविजन में थानाधिकारी गजवीर सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी।
नौकरी दिलाने के नाम पर की थी धोखाधड़ी
पुलिस के अनुसार, 5 मार्च 1984 को कनावड़ा निवासी भंवर सिंह ने धानमंडी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि किनारा ग्रुप/अग्रवाल सेल्स के मैनेजर नरेंद्र सिंह यादव और अन्य कर्मचारियों ने भारत सरकार से मान्यता प्राप्त होने का झांसा देकर नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे 3,000 रुपये लिए थे। आरोपियों ने अन्य लोगों से भी इसी तरह कुल 32,000 रुपये की धोखाधड़ी की और कार्यालय बंद कर फरार हो गए।
इस संबंध में पुलिस ने प्रकरण संख्या 27/1984 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406 और 120बी में मामला दर्ज किया था। मामले में पूर्व में नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि विजय कुमार यादव लंबे समय से फरार चल रहा था।
पहचान छिपाकर बना फुटबॉल कोच
गिरफ्तार आरोपी विजय कुमार यादव (69), निवासी रूपगढ़, जिला भिवानी (हरियाणा), गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। पुलिस के अनुसार, उसने अपने पैतृक निवास से जुड़े दस्तावेजों में से भी अपना नाम हटवा दिया था। वह अलग-अलग राज्यों में फुटबॉल कोच के रूप में काम करते हुए फरारी काट रहा था।
तकनीकी सहायता और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर उदयपुर पुलिस ने आरोपी का पता लगाया। पुलिस टीम के सदस्यों ने खिलाड़ी बनकर उससे संपर्क किया और कोचिंग लेने के बहाने नाहन के चौगान खेल मैदान पहुंचे। इसके बाद टीम ने मौके पर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
कार्रवाई में धानमंडी थानाधिकारी गजवीर सिंह, सहायक उपनिरीक्षक राकेश कुमार, हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार, कांस्टेबल मनोज कुमार, साइबर सेल के हेड कांस्टेबल कुलदीप सिंह, सहायक उपनिरीक्षक संग्राम सिंह तथा कांस्टेबल प्रकाश डांगी और दिनेश कुमार शामिल रहे।
उदयपुर पुलिस की इस कार्रवाई से करीब चार दशक पुराने धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे आरोपी को पकड़ने में सफलता मिली है।