📰 पूरी खबर:


नीमच. ए आई, चैटजीटीपी, इंटरनेट ,जैमिनी एवं गुगल सर्च इंजिन ये सब हमारे जीवन को आसान और सुविधाजनक बनाने के लिए सहायक भर हैं हमारे मालिक नहीं हैं , क्योंकि इनका निर्माण करने वाला तो अंतोगत्वा मानव मस्तिष्क ही है । ए आई , यूट्यूब, और इंटरनेट कभी भी क्लास रूम और प्रोफेसर व शिक्षक का स्थान नहीं ले सकते। क्लास रूम में प्रोफ़ेसर और शिक्षक जो पढ़ाते हैं , बताते हैं , समझाते हैं वह मौलिक, प्रत्यक्ष, और आसानी से समझ में आने वाला होता है ।  नैतिक मूल्यों का, संस्कारों का , जीवन मूल्यों की सीख केवल और केवल क्लास रूम के माध्यम से शिक्षक से ही प्राप्त हो सकती है डिजिटल मीडिया द्वारा कदापि नहीं क्योंकि शिक्षक अपने व्यावहारिक ज्ञान, अनुभव और आचरण से विद्यार्थियों को प्रेरित करते हैं ।
   रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सुपर ह्यूमेन ब्रेन ने ही बनाया है।
उपरोक्त बातें पी एम काॅलेज ऑफ एक्सीलेंस नीमच में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 विकसित भारत 2047 के अंतर्गत आयोजित वाद-विवाद, और पेनल चर्चा प्रतियोगिता के अंतर्गत कहीं ।
  कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ प्रशांत मिश्रा ने की । विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. संजय जोशी और डॉ प्रभावती भावसार उपस्थित थे।

     कार्यक्रम के संयोजक डॉ सी पी पंवार और सूत्रधार डॉ आर सी जैन ने बताया कि विद्यार्थियों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति की व्यावसायिक  उपयोगिता , कौशल विकास एवं स्टार्ट अप के माध्यम से स्वरोजगार एवं विकसित भारत2047 के संदर्भ में उनके विचारों को जानना और उन्हें इसके महत्व से अवगत कराने हेतु यह आयोजन किया गया।
 कार्यक्रम में निर्णायक की भूमिका डॉ नवीन सक्सेना, प्रो. जितेन्द्र परिहार, प्रो.कल्याण सिंह वसुनिया , डॉ रेखा साहू ने निभाई।
   कार्यक्रम में प्रो. कमलेश पाटीदार और प्रो. रचना राजोरा उपस्थित थे।
पेनल चर्चा में जिसका विषय भारत में शिक्षा का भविष्य था में प्रथम स्थान सचिन जावरिया द्वितीय स्थान यति कुंवर और तृतीय स्थान अंश योगी ने प्राप्त किया।
  वाद विवाद प्रतियोगिता जिसका विषय शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्लास रूम के महत्व को कम नहीं कर सकती  में पक्ष में प्रथम सचिव जावरिया और द्वितीय स्थान पर शिवानी धनगर रही।
 जबकि विपक्ष में प्रथम यति कुंवर और द्वितीय अंश योगी रहे।
   कार्यक्रम को प्राचार्य डॉ प्रशांत मिश्रा, विशिष्ट अतिथि डॉ संजय जोशी, डॉ प्रभावती भावसार और नोडल अधिकारी डॉ सी पी पंवार ने भी संबोधित किया।
   आभार प्रोफेसर आर सी जैन ने किया।