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उदयपुर.नगर निगम चुनाव की वोटिंग में महज 5 दिन पहले कांग्रेस के भीतर सियासी घमासान सड़क से थाने तक पहुंच गया। पूर्व मंत्री खेमराज कटारा के बेटे विवेक कटारा के समर्थकों और यूथ कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. दिव्यानी कटारा के बीच फोन पर शुरू हुआ विवाद गहरा गया है। दिव्यानी ने विवेक के समर्थक किशन डांगी, भरत रामानुज और अवित खराड़ी पर धमकी, अभद्रता समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं विवेक कटारा पक्ष ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे सियासी षड्यंत्र बताया है। 

एफआईआर के अनुसार, घटना गत 4 सितंबर की रात 10:30 बजे की है। दिव्यानी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि आरोपी किशन डांगी ने उनके टीम मेंबर को फोन किया। उस वक्त वे खुद भी कॉन्फ्रेंस कॉल पर जुड़ी हुई थीं। आरोप है कि फोन पर किशन डांगी ने खुली धमकी देते हुए कहा आपकी लीडर डॉ. दिव्यानी के आज से उल्टे दिन शुरू हैं। उन्हें तो हम कहीं पर भी रोककर मार सकते हैं और रेप भी कर सकते हैं। इसके साथ ही आरोपी ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कपड़े फाड़ने और गंभीर अंजाम भुगतने की भी धमकी दी।

डॉ. दिव्यानी ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी विवेक कटारा की पत्नी सुखबीर कटारा का भाई बताया। आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने डॉ. दिव्यानी के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर जातिगत गालियां और भद्दी टिप्पणियां लिखीं।

रिपोर्ट में किशन डांगी के साथ भरत रामानुज और अवित खराड़ी को भी इस पूरे कृत्य में शामिल बताया गया है। इससे पीड़िता ने अपनी जान-माल का गंभीर खतरा जताया है। गोवर्धन विलास थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 79 व एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1) (आर) और 3 (1) (एस) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच डिप्टी एसपी गिर्वा छगनलाल राजपुरोहित को सौंपी गई है। इस एफआईआर के दर्ज होते ही प्रदेश कांग्रेस तक के पदाधिकारियों में हड़कंप मच गया है।