📰 पूरी खबर:
मनासा. विधानसभा की ग्राम पंचायत खजुरी जिसमे करीब 3000 की आबादी के साथ 1800 मतदाता निवास करते है, खजुरी पंचायत में ग्रामीण विकास के दावों की जमीनी हकीकत उस समय सामने आ गई, जब बारिश के बीच ग्रामीणों को जर्जर मुक्ति धाम में तिरपाल का सहारा लेकर अंतिम संस्कार करना पड़ा।
ग्राम खजुरी निवासी राधा किशन पाटीदार वेलावत का निधन आज दिनांक 6/9/2026 को हो गया था और जब अर्थी अंतिम संस्कार के लिए मुक्ति धाम पहुंची, तो बारिश शुरु हो गयी, और मुक्ति धाम में लगा टिन शेड लंबे समय से बदहाल है जिसके कई हिस्से टूट चुके हैं। बारिश के दौरान छत से पानी टपकने के कारण अंतिम संस्कार करने पहुंचे ग्रामीणों को खुद तिरपाल पकड़कर बारिश से बचाव करना पड़ा। मुक्ति धाम की बदहाली का वीडियो भी ग्रामीणों ने बनाया, जिसमें वे अपनी परेशानी बताते हुए नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे मुक्ति धाम की मरम्मत और टिन शेड बदलने के लिए
कई बार आवेदन दे चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायत और आवेदन के बावजूद जिम्मेदारों ने इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया।
चार साल बाद भी जर्जर टिन शेड ग्रामीणों का कहना है कि पंचायतों के कार्यकाल को करीब चार वर्ष बीत चुके हैं। इसके बावजूद खजुरी पंचायत के मुक्ति धाम जैसी मूलभूत सुविधा की स्थिति में सुधार नहीं हो सका। अंतिम संस्कार जैसी बेहद जरूरी व्यवस्था के लिए भी ग्रामीणों को बारिश और खराब मौसम में परेशान होना पड़ रहा है। मुक्ति धाम की तस्वीरें और बारिश के दौरान बनाया गया वीडियो पंचायत स्तर पर होने वाले विकास कार्यों की निगरानी और उनकी वास्तविक स्थिति पर भी सवाल खड़े करता है।
कागजों में विकास, जमीन पर बदहाली ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं और पंचायतों के विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का समय-समय पर जमीनी स्तर पर आकलन होना चाहिए। उनका आरोप है कि कई
बार विकास कार्यों की स्थिति कागजों और रिकॉर्ड में बेहतर दिखाई देती है, लेकिन मौके पर तस्वीर अलग होती है। खजुरी का मुक्ति धाम इसी अंतर को उजागर करता नजर आ रहा है। एक ओर ग्रामीण विकास के आंकड़ों और उपलब्धियों की बात होती है, वहीं दूसरी ओर अंतिम संस्कार जैसी बुनियादी जरूरत के लिए ग्रामीणों को टूटे टिन शेड और तिरपाल के सहारे रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों से मुक्ति धाम की स्थिति का मौके पर निरीक्षण कराकर जर्जर टिन शेड को तत्काल बदलने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।