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कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैंकर्स समन्वय समिति,जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं जिला स्तरीय बीमा समिति की वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम त्रैमासिक बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 की अवधि की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान विभिन्न बैंकिंग, बीमा, रोजगार एवं स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति, लंबित प्रकरणों तथा आगामी लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।

      बैठक में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई-2.0 आईएसएस), मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, संत रविदास स्वरोजगार योजना, डॉ. भीमराव अंबेडकर स्वरोजगार योजना, भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (पशुपालन), कामधेनु योजना सहित उद्योग, उद्यानिकी एवं मत्स्य विभाग की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा की गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 के निर्धारित लक्ष्यों की भी समीक्षा की गई।

      कलेक्टर श्री चंद्रा ने कहा कि जिले का कोई भी पात्र हितग्राही बीमा एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी और बैंकर्स आपसी समन्वय से कार्य करें तथा पात्र हितग्राहियों के प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने तकनीकी अथवा प्रक्रियागत कारणों से प्रकरणों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने के निर्देश दिए।

कलेक्टर के प्रमुख निर्देश:प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के पात्र हितग्राहियों के शत-प्रतिशत आवेदन भरवाकर तत्काल बैंकों को उपलब्ध कराए जाएं।पीएम स्वनिधि योजना में लंबित प्रकरणों की स्वीकृति जारी कर आगामी बैठक तक 200 हितग्राहियों को ऋण वितरण सुसेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया एवं बैंक ऑफ इंडिया को मुद्रा योजना के अंतर्गत 400 हितग्राहियों को ऋण वितरण का लक्ष्य दिया गया। प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत जीरो बैलेंस खातों की संख्या घटाकर 30 हजार तक की जाए।  बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक एवं इक्विटास बैंक सहित सभी बैंक एनपीए में कमी लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करें तथा सीडी रेशियो में सुधार सुनिश्चित करें।राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत आगामी बैठक तक 100 नए प्रकरण भेजे जाएं एवं स्व-सहायता समूहों को 5 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया जाए।पशु केसीसी के लिए किसानों से पशु बीमा की अनावश्यक मांग नहीं की जाए। कलेक्टर श्री चंद्रा ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना सभी संबंधित विभागों एवं बैंकर्स की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने योजनाओं की नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की समय-सीमा में पूर्ति तथा लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

      बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमन वैष्णव,एलबीओ आरबीआई श्री राम पोरवाल,सांसद प्रतिनिधि श्री पवन कुमार दुबे, नाबार्ड प्रतिनिधि श्री योगेंद्र सैनी, परियोजना अधिकारी डूडा श्रीमती मयूरी जोक,अग्रणी जिला प्रबंधक श्री शितांशु शेखर सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी एवं बैंक शाखाओं के प्रबंधक उपस्थित रहे।