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नीमच.शासकीय माध्यमिक विद्यालय कचोली संकुल केंद्र कन्या जीरन जिला नीमच मैं आज भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के अनुसार गुरु की महिमा छात्र तक सीमित नहीं रखकर समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के लिए मनाया गया गुरु पूर्णिमा महोत्सव, कार्यक्रम का प्रारम्भ माँ शारदे की पूजा अर्चना प्रधानाध्यापक श्री कारूलाल रजावत एवं श्री सुभाष पाटीदार शिक्षक ने मां सरस्वती को माल्यार्पण  की , तपश्चात  मा.वि.कचौली के ECO  क्लब के अध्यक्ष मयंक  कक्षा 8 वी के  द्वारा मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की जिसमें ECO CLUB सभी सदस्यों ने सहभागिता की  । मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के संभागीय सदस्य श्री बाबूलाल मेघवाल ने संबोधित करते हुए कहा,
गुरु वंदन कार्यक्रम भारतीय संस्कृति की एक महान परंपरा है, जिसमें गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता प्रकट की जाती है। हमारे शास्त्रों में गुरु को भगवान से भी श्रेष्ठ स्थान दिया गया है। गुरु ही अपने ज्ञान, अनुभव और संस्कारों से विद्यार्थियों के जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं।
विद्यालयों में आयोजित गुरु वंदन कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान, अनुशासन और आदर की भावना विकसित करना है। इस अवसर पर छात्र-छात्राएँ अपने गुरुओं का तिलक लगाकर, पुष्पमाला पहनाकर तथा पुष्प अर्पित कर उनका सम्मान करते हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रेरणादायक भाषण, गीत और कविताओं के माध्यम से गुरु-शिष्य परंपरा का महत्व बताया जाता है।
गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि जीवन के आदर्श मूल्य, नैतिकता, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना भी विकसित करते हैं। उनके मार्गदर्शन से विद्यार्थी अपने जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं और एक अच्छे नागरिक बनते हैं।
अतः हमें सदैव अपने गुरुजनों का सम्मान करना चाहिए, उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए तथा उनके प्रति कृतज्ञ रहना चाहिए। यही गुरु वंदन कार्यक्रम का वास्तविक उद्देश्य और संदेश है।
तत्पश्चात कार्यक्रम का समापन हुआ ।
गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम का आभार  श्री सुभाष पाटीदार शिक्षक ने व्यक्त किया