📰 पूरी खबर:


नई दिल्‍ली । सिट्रोन भारत में अपनी बिक्री का बड़ा हिस्सा अब छोटे और मझोले शहरों से लाने की तैयारी में है। अगले पांच साल में कंपनी की कुल बिक्री का तीन-चौथाई इन शहरों से आने का अनुमान है, जो अभी 55 प्रतिशत है। स्टेलंटिस इंडिया के एक अ‎धिकारी ने बताया कि बाजार का रुझान इन्हीं शहरों की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि भारत में कार खरीदने वाले ग्राहकों की बड़ी संख्या अब छोटे और मझोले शहरों की ओर बढ़ रही है, जिसके मद्देनजर सिट्रोन अपनी रणनीति बदल रही है। स्टेलंटिस के दूसरे ब्रांड जीप का फोकस मेट्रो शहरों पर बना रहेगा। सिट्रोन देश भर में एक जैसा डीलरशिप मॉडल अपनाने की बजाय, हर बाजार की क्षमता के अनुसार खुदरा नेटवर्क तैयार करेगी। कंपनी का लक्ष्य सिर्फ आउटलेट की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि ग्राहकों तक अपनी पहुंच 60 फीसदी से बढ़ाकर 75 फीसदी तक ले जाना है। इसके लिए छोटे शहरों में एक-कार शोरूम और छोटी सर्विस सुविधाओं जैसे लचीले मॉडल अपनाए जाएंगे, जिन्हें मांग के अनुसार बढ़ाया जा सकेगा। यह विस्तार ऐसे समय हो रहा है जब चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में सिट्रोन की बिक्री में 15-20 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। हालांकि, यह पिछले वित्त वर्ष की उच्च वृद्धि (60 फीसदी से कम) से कम होगी, जिसका कारण पिछले साल सितंबर में वाहनों पर जीएसटी कटौती के बाद बनी उच्च आधार प्रभाव है। हजेला ने कहा कि सिट्रोन की बिक्री वाहन अपग्रेड के कारण अच्छी रही है, जबकि स्टेलंटिस का दूसरा ब्रांड जीप उतना बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाया है।