📰 पूरी खबर:

 

नीमच। जिले में आयोजित नेशनल लोक अदालत में आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से 1538 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इनमें न्यायालय में लंबित 357 प्रकरण तथा 1181 प्रीलिटिगेशन प्रकरण शामिल हैं। लोक अदालत के माध्यम से 1895 पक्षकार लाभान्वित हुए।

मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार आयोजित नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री वीरेन्द्र सिंह राजपूत ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। इसके बाद जिले में गठित 21 खंडपीठों में लोक अदालत की कार्यवाही प्रारंभ हुई, जो शाम 5:30 बजे तक चली।

न्यायालय में लंबित 478 प्रकरण लोक अदालत में रखे गए, जिनमें से 357 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इनमें मोटरयान दुर्घटना के 11 प्रकरणों में 42 लाख 45 हजार रुपये, चेक अनादरण के 125 प्रकरणों में 2 करोड़ 57 लाख 20 हजार 940 रुपये तथा शमनीय आपराधिक प्रकरणों में 12 लाख 11 हजार 12 रुपये के अवार्ड पारित किए गए। इसके साथ ही 39 सिविल, 26 विद्युत अधिनियम एवं 26 पारिवारिक विवादों सहित अन्य प्रकरणों का भी निराकरण हुआ।

इसी प्रकार 4119 प्रीलिटिगेशन प्रकरण लोक अदालत में रेफर किए गए थे, जिनमें से 1181 प्रकरणों का निराकरण किया गया तथा 24 लाख 27 हजार 668 रुपये की वसूली हुई।

10 वर्ष पुराने विवाद का आपसी सहमति से हुआ निराकरण

लोक अदालत में मनासा तहसील के ग्राम कंजार्डा निवासी जिनेन्द्र कुमार पन्नालाल भंडारी एवं प्रकाशचंद्र पिता जगन्नाथ धाकड़ के मध्य वर्ष 2016 से लंबित व्यवहार वाद का भी आपसी सहमति से निराकरण किया गया। ₹1 लाख 99 हजार की वसूली से संबंधित यह प्रकरण लगभग 10 वर्षों से न्यायालय में लंबित था।

नेशनल लोक अदालत में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने पर प्रतिवादी द्वारा वादी को 55 हजार रुपये प्रदान किए जाने के वचन पर प्रकरण का राजीनामे के आधार पर निराकरण किया गया। इस प्रकार लंबे समय से लंबित विवाद का आपसी समझौते से शांतिपूर्ण समाधान हुआ और दोनों पक्षों को न्यायालयीन प्रक्रिया से राहत मिली।

लोक अदालत के माध्यम से वर्षों से लंबित मामलों का आपसी सहमति से त्वरित निराकरण पक्षकारों के लिए राहत का प्रभावी माध्यम बन रहा है।