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जबलपुर। साइबर ठगों ने लोगों को झांसे में लेकर बैंक खातों से रकम उड़ाने के नए-नए तरीके अपना लिए हैं। गढ़ा में एटीएम में कार्ड फंसने के बाद मदद का झांसा देकर एक अज्ञात व्यक्ति ने महिला का एटीएम कार्ड बदल लिया और पिन देखकर उसके खाते से 80 हजार रुपये निकाल लिए। वहीं घमापुर में एक मूर्तिकार को रिश्तेदार बताकर ठग ने उसके खाते में रकम आने का फर्जी मैसेज दिखाया और अलग-अलग खातों में कुल एक लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। दोनों मामलों में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मशीन में फंसा कार्ड, मदद के बहाने ठगा...........
गढ़ा पुलिस के अनुसार धनवंतरीनगर निवासी सुनीता भानू त्रिपुरी चौक के पास स्थित एसबीआई के एटीएम से रुपये निकालने गई थीं। इसी दौरान उनका एटीएम कार्ड मशीन में फंस गया। उनके पीछे खड़े एक अज्ञात व्यक्ति ने मदद करने के बहाने उनसे कहा कि पिन नंबर डालने पर कार्ड बाहर निकल जाएगा। महिला ने उसकी बात पर भरोसा करते हुए एटीएम का पिन डाल दिया। आरोपी ने पिन देख लिया और इसी दौरान हाथ की सफाई दिखाते हुए चोरी-छिपे उनका एटीएम कार्ड बदल दिया। महिला को इसकी भनक तक नहीं लगी और वह घर चली गईं।
शाम करीब 7 बजे मोबाइल पर बैंक खाते में रकम से संबंधित मैसेज आया। मैसेज देखकर उन्हें शक हुआ और उन्हें एटीएम में मिले युवक की करतूत याद आई। इसके बाद उन्होंने एसबीआई पहुंचकर बैंक स्टेटमेंट निकलवाया, जिसमें पता चला कि उनके खाते से 80 हजार रुपये निकाले जा चुके थे। इसके बाद उन्होंने गढ़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
रिश्तेदार बनकर की ठगी..........
दूसरा मामला घमापुर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक मूर्तिकार संतोष कुमार प्रजापति के पास एक अज्ञात व्यक्ति ने रिश्तेदार होने का झांसा देकर संपर्क किया। आरोपी ने अपने खाते से रकम भेजने और संतोष से वह रकम किसी अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर करने के लिए कहा। आरोपी द्वारा बताए गए मोबाइल नंबर पर बलराम लोधी नाम दिखाई दे रहा था। संतोष उसकी बातों में आ गए और अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 30 हजार, 15 हजार, 30 हजार और 25 हजार रुपये, यानी कुल एक लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
बाद में संतोष को संदेह हुआ। उन्होंने जब पूरे मामले को समझा तो पता चला कि आरोपी ने उनके साथ धोखाधड़ी करते हुए अपने मोबाइल से खाते में रकम आने संबंधी मैसेज भेजे थे और इसी झांसे में लेकर उनके खाते से रकम ट्रांसफर करा ली। मामले की शिकायत पुलिस से की गई है।
पुलिस दोनों मामलों में आरोपियों और रकम के लेन-देन से जुड़े खातों व मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है।