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नीमच। जिले में विद्युत दुर्घटनाओं के बाद कथित तौर पर भीड़ एकत्र कर मुआवजे का दबाव बनाने, अधिकारियों-कर्मचारियों को धमकाने और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोपों को लेकर बिजली अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने बुधवार शाम जिला कलेक्टर के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपकर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति होने या कर्मचारियों के साथ अभद्रता और धमकी की स्थिति बनने पर बिजली विभाग के अधिकारी-कर्मचारी सामूहिक रूप से काम बंद और मोबाइल बंद हड़ताल करने को बाध्य होंगे। ऐसी स्थिति में जिले की बिजली व्यवस्था प्रभावित होने और ब्लैकआउट की आशंका भी जताई गई है। ज्ञापन में समिति ने जीवन सिंह शेरपुर एवं उनके कुछ सहयोगियों पर आरोप लगाया है कि जिले में विद्युत दुर्घटनाओं के दौरान मौके पर भीड़ एकत्र कर धरना-प्रदर्शन किया जाता है और विद्युत कंपनी के अधिकारियों पर नियमों से परे 50 लाख से एक करोड़ रुपये तक का मुआवजा तत्काल स्वीकृत करने का दबाव बनाया जाता है। समिति का आरोप है कि इस दौरान प्रशासन पर सीधे हत्या का प्रकरण दर्ज करने के लिए भी दबाव बनाया जाता है।