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नीमच। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय यूथ एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव का आयोजन ग्राम कनावटी स्थित होटल सनराइज ग्रैंड में किया गया। कॉन्क्लेव में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, स्टार्टअप संचालकों, नवाचार के क्षेत्र में कार्य कर रहे युवाओं तथा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में युवाओं को उद्यमिता, कौशल विकास, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से परिचित कराने के साथ जिले में निवेश की संभावनाओं और औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने पर विचार-विमर्श किया गया।जावद विधायक श्री ओमप्रकाश सकलेचा ने नीमच जिले में हो रहे औद्योगिक विकास की सराहना करते हुए इसे प्रदेश में अग्रणी बताया। उन्होंने कहा कि नीमच प्रदेश का ऐसा पहला जिला है, जहां दो औद्योगिक क्लस्टरों का विकास कार्य पूर्ण हो चुका है तथा दो अन्य क्लस्टरों में विकास कार्य प्रचलित हैं। उन्होंने उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने पर जोर देते हुए कहा कि इससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होगा।नीमच विधायक श्री दिलीप सिंह परिहार ने जिले में सड़क, बिजली की निरंतर आपूर्ति, जल की उपलब्धता तथा नवीन औद्योगिक क्षेत्र के विकास का उल्लेख किया। उन्होंने उद्योगपतियों से जिले में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाकर निवेश करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र की आर्थिक प्रगति को गति मिलेगी।

कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने जिले में निवेश के अनुकूल वातावरण, औद्योगिक प्रगति तथा निवेश की संभावनाओं की जानकारी देते हुए उद्योगपतियों को जिले में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने युवाओं से रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों का लाभ उठाने, नए विचारों को व्यावहारिक रूप देने तथा उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।कॉन्क्लेव में नेक्स्ट अप इंडस्ट्री के श्री हितेश रोहिड़ा तथा मालवा पेट्रो प्रोडक्ट इंडस्ट्री के श्री पीयूष बांगड़ ने अपने व्यावसायिक अनुभव साझा किए। फिनसिट स्टार्टअप के श्री पीयूष कड़ावत  ने स्टार्टअप योजनाओं की जानकारी दी, जबकि श्री सूरज कुशवाह ने अपने द्वारा विकसित ऐप एवं स्टार्टअप के बारे में बताया।उद्योगपतियों ने जिले में निवेश के लिए जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों से मिल रहे सहयोग की सराहना की। उन्होंने युवाओं को अपने अनुभवों से अवगत कराते हुए स्वयं का उद्योग या व्यवसाय स्थापित करने तथा नवाचार को उद्यमिता से जोड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

विभागीय सत्रों में निर्यात, कौशल विकास और ऋण सुविधाओं की जानकारी

कॉन्क्लेव में विभिन्न विभागों के विषयगत सत्र आयोजित कर युवाओं एवं उद्यमियों को शासकीय योजनाओं, वित्तीय सुविधाओं और व्यवसाय स्थापित करने की प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया।      एपीडा, भोपाल से श्री ऋषभ शर्मा ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निर्यात संबंधी योजनाओं की जानकारी दी। एमपीआईडीसी, उज्जैन से श्री विनय तोमर ने मध्यप्रदेश निर्यात योजना-2025 के प्रावधानों को पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत किया। कौशल विकास विभाग के श्री राजेंद्र प्रजापति ने जिले में संचालित कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी।      एमएसएमई विभाग की श्रीमती योगिता भटनागर ने जिले के औद्योगिक परिदृश्य तथा एमएसएमई प्रोत्साहन योजना-2025 के बारे में बताया। नाबार्ड के श्री योगेंद्र सैनी ने बैंक ऋण प्रक्रिया एवं सिबिल स्कोर से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की। भारतीय स्टेट बैंक के श्री मोहित चौधरी ने एसबीआई की डिजिटल ऋण प्रक्रिया और जनसमर्थ पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध ऋण सुविधाओं की जानकारी दी।

विद्यार्थियों ने कहा—उद्यमिता के लिए मिली नई प्रेरणा

कार्यक्रम के समापन पर कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने छात्र-छात्राओं से संवाद कर कॉन्क्लेव से प्राप्त जानकारी और उनके अनुभवों के संबंध में फीडबैक लिया। विद्यार्थियों ने बताया कि कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें स्टार्टअप, कौशल विकास, बैंक ऋण सुविधाओं एवं स्वरोजगार के अवसरों की नई जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि कॉन्क्लेव से उन्हें प्रेरणा मिली है और वे भविष्य में स्वयं का व्यवसाय अथवा उद्यम स्थापित कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रयास करेंगे।कार्यक्रम का संचालन श्रीमती मंजुला धीर ने किया तथा अंत में श्री संजय विश्वकर्मा ने आभार व्यक्त किया।