📰 पूरी खबर:
नीमच ।* जीरन थाना अंतर्गत चिताखेड़ा पुलिस सहायता केंद्र स्थानीय बस स्टैंड पर यातायात व्यवस्था को लेकर पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। सहायता केंद्र सिर्फ कागजों और नाम की औपचारिकता बनकर रह गया है।
स्थानीय बस स्टैंड पर रोजाना यात्री बसों और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण जाम की स्थिति बन जाती है। सुबह और शाम के समय तो हालात और भी बिगड़ जाते हैं। बावजूद इसके पुलिस सहायता केंद्र में पदस्थ कर्मचारी बस स्टैंड पर यातायात व्यवस्था और जाम को लेकर कोई रुचि नहीं ले रहे हैं।
विगत दिवस भी घटी थी घटना
कुछ दिन पहले ही बस स्टैंड पर एक बड़ी घटना घट चुकी है। उसके बाद भी सहायता केंद्र के जिम्मेदारों ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया। यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो आगे कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है।
स्थानीय लोगों में रोष
ग्रामीणों और दुकानदारों का कहना है कि पुलिस सहायता केंद्र होने के बावजूद यहां न तो ट्रैफिक नियंत्रित होता है और न ही कोई कर्मचारी मौजूद रहता है। लोगों ने मांग की है कि सुबह-शाम के समय यहां पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगाई जाए और यातायात के लिए स्पष्ट संकेत लगाए जाएं।
अब सवाल ये है कि अगर कल को कोई बड़ी दुर्घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
बॉक्स:
• समस्या: चिताखेड़ा बस स्टैंड पर रोज जाम, पुलिस सहायता केंद्र निष्क्रिय
• खतरा: बड़ी दुर्घटना की आशंका
• मांग: सुबह-शाम पुलिस तैनाती, ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार
इनका कहना
चीता खेडा बस स्टैंड पर हर रोज इसी तरह जाम की स्थिति बन जाती है विगत दिनों एक बड़ी दुर्घटना घट चुकी है लोडिंग वहानो पर खुले आम सवारी बैठा कर परिवहन नियमों क़ा खुलेआम उलंघन किया जारहा है जिला प्रशासन शीघ्र अमल करें और व्यवस्था में सुधार करें.
पूर्व कृषि मंडी सदस्य राजेंद्र सिंह तोमर चीताखेड़ा केरी