📰 पूरी खबर:
नीमच। नीमच से चीता खेड़ा को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों जानलेवा साबित हो रहा है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से गुजरने को मजबूर हैं।
हाईवे स्वीकृत, पर निर्माण अधर में
स्थानीय लोगों के अनुसार विधायक नीमच के प्रयासों से यह मार्ग हाईवे के रूप में स्वीकृत हो चुका है, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क अब "मौत का रास्ता" बन चुकी है।
कलेक्टर के निर्देशों का पालन नहीं
विगत दिनों कलेक्टर कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने संबंधित विभाग को तुरंत गड्ढे भरने के निर्देश दिए थे। हाल ही में ग्राम दलपतपुर में आयोजित रात्रि चौपाल में भी नागरिकों ने सड़क की बदहाली से कलेक्टर को अवगत कराया, जिस पर दोबारा निर्देश जारी हुए। इसके बावजूद आज तक एक भी गड्ढा नहीं भरा गया।
बारिश से पहले हादसे का डर
गर्मी का मौसम खत्म होने को है। वर्षा शुरू होते ही इन गड्ढों में पानी भर जाएगा, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि यदि कोई जनहानि होती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
जनता अब जिला प्रशासन से पूछ रही है कि आखिर इस खस्ता हाल मार्ग से कब राहत मिलेगी