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नीमच. अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस के परिपेक्ष्य में श्री अंबा माता आरोग्य आश्रम ग्राम निपानिया आबाद जिला नीमच मध्यप्रदेश में परिवार का महत्व और वर्तमान चुनौतियों विषय पर परिचर्चा तथा संवाद संयुक्त रूप से आयोजित की गई। जिसका शुभारंभ दीप प्रज्जवलन  , तथा अतिथि के स्वागत के साथ किया गया।
विशेष अतिथि परम पूज्य संत श्री धनवंतरी पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर श्री श्री 1008  संत श्री सुरेशानंद सरस्वती महाराज , संस्थापक श्री धन्वंतरी पीठ आप 52 वर्षों से आयुर्वेद के क्षेत्र में जड़ी बूटियां के माध्यम से रुग्ण मानवता की सेवा कर रहे हैं।मुख्य अतिथि सुश्री सुधा महावर विभाग कार्यवाही का राष्ट्र सेविका समिति मंदसौर विभाग संचालिका श्री अंबा माता आरोग्य आश्रम तथा अखिल भारतीय रुद्राक्ष महासभा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य तथा सुश्री सोनम अहिरवार कृषि वैज्ञानिक। 

विषय की प्रस्तावना रखते हुए नगर अध्यक्ष ईजी. किरण महावर ने कहा कि तकनीक के बदलते दौर में भले ही दुनिया को करीब ला दिया हो, लेकिन परिवारों के बीच की दूरियां बढ़ी हैं। आज के समय में संयुक्त परिवार की संस्कृति को बचाना और आपसी संवाद को बनाए रखना बेहद जरूरी है , वर्तमान चुनौतियों का निराकरण करने के लिए आपस में सभी विषयों पर चर्चा , आधुनिक समाज में परिवारों का महत्व और चुनौतियां विषय पर परिचर्चा तथा संवाद रखा गया है। तत्पश्चात् परिचर्चा में विषय पर  में कुमारी शिवन्या शुक्ला ने परिवार तथा हॉस्टल की जीवन शैली की तुलना करते हुए अपने स्वयं के अनुभव साझा किया तथा पारिवारिक व्यवस्था को श्रेष्ठ माना ।
वैद्य नवनीत मगरदे ने संयुक्त परिवार में होने वाले बच्चों की परवरिश तथा एकल परिवार में होने वाले बच्चों की परवरिश के बारे में बताया तथा संयुक्त परिवार व्यवस्था को श्रेष्ठ माना। 
निलेश सिंह द्वारा तकनीक के दुष्प्रभाव के बारे में बताया गया और कहा गया किस प्रकार हार्मोनल संतुलन के कारण युवा को तकनीक की लत हो जाती है इससे बचने के लिए परिवार के सदस्य आपस में बातचीत अत्यंत महत्वपूर्ण है। 
सोनम अहिरवार  ने भी बताया कि-मेरी माता जी भी कार्यकारी महिला है, कभी-कभी अपने मन की व्यथा स्वयं से ही समाप्त करनी पड़ती है। 
सुश्री सुधा  महावर ने बताया कि हमें दिन भर में कुछ समय ऐसा निकालना चाहिए जब परिवार का प्रत्येक सदस्य आपस में बातचीत करें तथा अपने दिन भर होने वाली गतिविधियों से सभी को परिचित कारण इसके लिए संध्या भजन परिवार के सभी सदस्य साथ मिलकर करें। 
परम पूजनीय संत श्री सुरेशानंद जी सरस्वती महाराज द्वारा बताया गया कि वर्तमान की व्यस्ततम जीवन शैली में गुणवत्ता समय निकालकर किस प्रकार देश की बेटियां देश तथा परिवार का नाम रोशन कर रही है। 
परिवार को सुदन बनाने के लिए वर्क लाइफ बैलेंस अत्यंत महत्वपूर्ण है।
युवाओं और कामकाजी दंपत्तियों ने भी अपने विचार साझा किए। 
कार्यक्रम में सुरभि, तृप्ति धमरिया, शिवन्या शुक्ला, क्षमा द्विवेदी, अवंतिका मखारिया, नितेश सिंह, वैद्य नवनीत मगरदे, वैद्य अनुराग सोलंकी, जितेंद्र कुमार महावर, सचिन राठौर, अंकित यादव शुभम शुक्ला दिशा पाटीदार वैभवी गिहारी, गीत धनगर सहित कार्यक्रम में लगभग 50 युवा सम्मिलित हुए।
 श्रीमती रुचिका के द्वारा आभार तथा गीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।