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उदयपुर. कम बरसात ने झीलों की नगरी के सामने जलापूर्ति का संकट खड़ा कर दिया है। मौजूदा उपलब्ध पानी के हिसाब से शहर की जरूरतें 150 दिन तक ही पूरी हो सकेंगी। इसके बाद यानी मार्च से जल संकट से निपटने के लिए वैकल्पिक इंतजामों की परीक्षा होगी। फतहसागर से पानी का उठाव घटाने के बाद अब पिछोला से भी पानी का उठाव कम करने की तैयारी है। बड़ी झील से उठाव बढ़ाने और खरबड़िया व कानपुर क्षेत्र में नलकूप से पानी फरवरी से मिलना शुरू हो पाएंगे। ऐसे में अगले मानसून तक जलापूर्ति बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी। *