📰 पूरी खबर:
*नीमच।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में उपार्जन केन्द्रों पर चल रही गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया का आने वाले दिनों में *आकस्मिक निरीक्षण* करेंगे। इस दौरान वे किसानों से सीधा संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी लेंगे। *मुख्यमंत्री जी का हेलीकॉप्टर किसी भी समय, कहीं भी उतर सकता है।*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव यह भी देखेंगे कि शासन-प्रशासन द्वारा निर्देशानुसार उपलब्ध कराई जाने वाली सभी सुविधाएं किसानों को प्राप्त हो रही हैं या नहीं।
*किसान भाइयों के लिए उपार्जन केन्द्रों में उपलब्ध सुविधाएं:*
*बुनियादी सुविधाएं:* उपार्जन केन्द्र पर किसानों के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान एवं जन सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
*कहीं भी विक्रय की सुविधा:* किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय में परेशानी न हो इसके लिए जिले के *किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय* करने की सुविधा दी गई है।
*तौल कांटे बढ़ाए:* किसानों को गेहूं की तौल के लिए इंतजार न करना पड़े, इसके लिए उपार्जन केन्द्रों में *तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6* कर दी गई है। जिलों को आवश्यकता अनुसार और अधिक तौल कांटे बढ़ाने की सुविधा दी गई है।
*FAQ मापदंड में शिथिलता:* चमक विहीन गेहूं की सीमा 50% तक, सूकड़े दाने की सीमा 6% से बढ़ाकर 10% तक तथा क्षतिग्रस्त दानों की सीमा बढ़ाकर 6% तक की गई है।
*पर्याप्त संसाधन:* बारदाने, हम्माल, तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, नेट कनेक्शन, कूपन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध कराई गई हैं।
. *स्लॉट बुकिंग क्षमता वृद्धि:* उपार्जन केन्द्रों पर प्रतिदिन प्रति केन्द्र गेहूं विक्रय के लिए स्लॉट बुकिंग की क्षमता *1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल* की गई है। जिले इसे 3000 क्विंटल तक बढ़ा सकते हैं।
*2625 रु. प्रति क्विंटल:
* किसानों से *2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस* सहित *कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल* की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है।
*शनिवार को भी खरीदी:* किसानों की सुविधा के लिए *प्रत्येक शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन* का कार्य जारी रहेगा।
*प्रचार सामग्री:* जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार पोस्टर एवं बैनर उपार्जन केन्द्रों में लगाए गए हैं।
कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने सभी उपार्जन केन्द्र प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि शासन की मंशानुसार किसानों को सभी सुविधाएं सुगमता से उपलब्ध कराई जाएं। किसी भी किसान को परेशानी नहीं होना चाहिए।
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*समाचार में प्रकाशनार्थ*