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वाराणसी । सेवानिवृत्त रेलवे पेंशनरों की सुविधा हेतु रेलवे बोर्ड द्वारा राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र अभियान (डी.एल.सी.) 5.0 चलाया जा रहा है। इसी परिप्रेक्ष्य में पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मण्डल पर डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र को बढ़ावा देने के लिये डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र (डी.एल.सी.) 5.0 कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर पेंशनर जागरूकता कैम्प का भी आयोजन किया जा रहा है।
इसी क्रम में 02 नवम्बर,2026 को वाराणसी मंडल के न्यू लोको कॉलोनी स्थित इन्द्रप्रस्थ सामुदायिक हॉल में मंडल रेल प्रबंधक, वाराणसी आशीष जैन की अध्यक्षता में तथा वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी अभिनव कुमार सिंह के संयोजन में डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र (डी.एल.सी.) 5.0 पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र (डी.एल.सी.) 5.0 कार्यशाला का शुभारंभ मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया ।
इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी अभिनव कुमार सिंह, वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक राजेश कुमार,स्टेट बैक ऑफ इण्डिया(कैंट) के शाखा प्रबंधक राहुल, यूनियन बैक ऑफ इण्डिया के क्षेत्रीय प्रबंधक नीरज सिंह, बैंक ऑफ इण्डिया के शाखा प्रबंधक मो० शाहदाब आलम, सलाहकार कौशल विकास संगठन (दिल्ली) पंकज सहिजवानी एवं पूर्वोत्तर रेलवे पेशनर्स एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष प्रदीप कुमार श्रीवास्तव सहित भारी संख्या में कर्मचारीगण एवं पेंशनर उपस्थित थे ।
मंडल रेल प्रबंधक, वाराणसी आशीष जैन ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में उपस्थित अधिकारियों, पेंशनर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों, विभिन्न बैंकों के अधिकारियों एवं समस्त पेंशनभोगियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि आज हम सभी Nationwide Digital Life Certificate Campaign 5.0 के अंतर्गत आयोजित इस मेगा कैम्प में एकत्रित हुए हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने की प्रक्रिया को सरल, सुगम एवं पारदर्शी बनाना तथा उन्हें डिजिटल माध्यमों से जीवन प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के प्रति जागरूक करना है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार के निर्देशानुसार पूरे देश में राष्ट्रव्यापी स्तर पर डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र अभियान संचालित किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से पेंशनभोगियों को बैंकों में जाकर लंबी कतारों में खड़े होने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी और वह अपने मोबाइल फोन एवं ऐप आधारित डिजिटल सुविधाओं के माध्यम से घर बैठे ही अपना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) जमा कर सकेंगे।
मंडल रेल प्रबंधक ने इस अभियान में सहभागी बैंकों के अधिकारियों का विशेष रूप से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र बनाने में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। चूंकि पेंशनभोगियों के बैंक खातों में आधार, पैन कार्ड एवं मोबाइल नंबर संबंधी विवरण उपलब्ध रहते हैं, इसलिए बैंकों के समन्वय एवं सहयोग से शत-प्रतिशत पेंशनभोगियों का डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र बनवाने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि मंडल में डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र बनाने की दिशा में अब तक अच्छी प्रगति हुई है तथा अधिकांश पेंशनभोगियों के प्रमाण-पत्र बनाए जा चुके हैं। उन्होंने शेष पेंशनभोगियों के डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र बनवाने के निर्देश दिए, ताकि इस कार्य को शत-प्रतिशत पूर्ण किया जा सके।
उन्होंने आगे कहा कि इस कार्यशाला में कार्मिक विभाग की टीम द्वारा पेंशनभोगियों को डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र बनाने एवं अपलोड करने की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे पेंशनभोगी स्वयं अपने मोबाइल के माध्यम से बिना किसी परेशानी के जीवन प्रमाण-पत्र जमा कर सकेंगे।
अंत में उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे सदैव अपने पेंशनभोगियों के कल्याण, सम्मान एवं सुविधाओं के प्रति संवेदनशील और प्रतिबद्ध रहा है। मंडल प्रशासन इस दिशा में पूरी निष्ठा एवं तत्परता से कार्य कर रहा है। उन्होंने सभी पेंशनभोगियों से इस डिजिटल पहल का अधिकाधिक लाभ उठाने तथा अभियान को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करने की अपील की।
इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी अभिनव कुमार सिंह ने समारोह मे आये हुए सभी का स्वागत करते हुए कहा कि वाराणसी मंडल के पारीक्षेत्र में जो भी बैंक हैं वह 100 प्रतिशत डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र (डी.एल.सी.) का कार्य शीघ्र पूरा करें, जिससे कि सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों एवं उनके परिजनों को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।
इस अवसर पर कार्मिक विभाग द्वारा तैयार की गई वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से पेंशनर्स को डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाने की पूरी प्रक्रिया कार्यालय अधीक्षक सोमनाथ पटेल ने क्रमबद्ध रूप से समझाई तथा उसे सबमिट करने की जानकारी भी दी गई । इलेक्ट्रॉनिक प्रमाण पत्र एक बार बन जाने के बाद यह सीधे पेंशन वितरण एजेंसी (PDA) तक पहुँच जाता है। पेंशनर्स को हर वर्ष जीवन प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य है। Jeevan Pramaan App को Play Store से डाउनलोड करे। Generate Life Certificate पर क्लिक करें। पेंशनर का नाम, PPO नंबर, बैंक नाम आदि जानकारी दर्ज करें। आधार आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करें Aadhar Face RD सफल होने पर Life Certificate ID प्राप्त होगी। यह प्रमाण पत्र आपके विभाग और बैंक में स्वतः भेज दिया जाता है।
इस अवसर पर पूर्वोत्तर रेलवे पेशनर्स एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष श्री प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा की डिजिटल युग में ऑन लाइन जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना बेहद आसान एवं सुरक्षित है, घर बैठे आप अपना जीवन प्रमाण पत्र बना सकते हैं और बेवजह भाग-दौड़ से बच सकते है । यह प्रक्रिया सरल और पूरी तरह से पारदर्शी है,पेंशनरों को इस योजना का लाभ उठाना चाहिए ।
स्टेट बैक ऑफ इण्डिया(कैंट) के शाखा प्रबंधक श्री राहुल, यूनियन बैक ऑफ इण्डिया के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री नीरज सिंह, बैंक ऑफ इण्डिया लहरतारा के शाखा प्रबंधक श्री शादाब आलम, सलाहकार कौशल विकास संगठन (दिल्ली) श्री पंकज सहिजवानी ने भी बैंकों द्वारा पेशनरों को दी जा रही सुविधाओं तथा डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाये जाने के सहयोग के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
कार्यशाला में कार्यालय अधीक्षक सोमनाथ पटेल ने डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र बनाने की प्रक्रिया को पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कार्मिक, लेखा, बैंक, पेंशनर एसोसियेशन के पदाधिकारी एवं रेल कर्मचारी उपस्थित थे।
डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र (डी.एल.सी.) 5.0 प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यशाला का संचालन कार्यालय अधीक्षक अमन श्रीवास्तव एवं धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी अभिनव कुमार सिंह द्वारा किया गया ।