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भोपाल । मध्य प्रदेश में मानसून का सीजन अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है, लेकिन प्रदेश में कुल बारिश का सामान्य कोटा अभी भी अधूरा है। आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में अब तक औसत 33.7 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो कि सामान्य कोटे का महज 90.3 प्रतिशत ही है। इसके चलते मध्य प्रदेश फिलहाल ‘सामान्य से कम’ बारिश वाली कैटेगरी में बना हुआ है।
आधे से ज्यादा जिलों में बारिश की कमी
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के आधे से अधिक जिलों में इस बार उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं हुई है। सबसे खराब स्थिति इंदौर संभाग की रही है, जहाँ बारिश का आंकड़ा औसत से काफी पीछे चल रहा है। कई जिलों में तो किसानों को फसलों के लिए पर्याप्त पानी के लिए अब भी भारी बारिश का इंतजार है।
भोपाल समेत 22 जिलों में 100 प्रतिशत या उससे ज्यादा बारिश
एक तरफ जहाँ कई जिले बारिश की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ राजधानी भोपाल समेत 22 जिलों में बारिश का कोटा 100 प्रतिशत या उससे भी अधिक पूरा हो चुका है। इन जिलों में मानसून की मेहरबानी से जलाशय और बांध लबालब भरे हुए हैं।
विदाई में बचे 11 दिन, तेज बारिश का एक और दौर संभव
मानसून की प्रदेश से औपचारिक विदाई में अब करीब 11 दिन का समय शेष रह गया है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि विदाई से पहले प्रदेश में तेज बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है। यदि यह दौर मजबूत होता है तो मंडला, पन्ना, मंदसौर और मुरैना समेत कई अन्य जिलों का भी बारिश का कोटा पूरा होने की संभावना है।