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नीमच.प्रधानमंत्री उत्कृष्टता स्वामी विवेकानंद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नीमच में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विश्व आयुर्वेद दिवस पर एक  महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमें धनवंतरी पीठ निपानिया आयुर्वेद आश्रम के संत 1008 महामंडलेश्वर सुरेशानंद जी शास्त्री गुरूदेव का उद्बोधन हुआ। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में आरोग्य भारती मालवा प्रांत के अध्यक्ष  डॉ विष्णु देव कच्छावा और जनभागीदारी अध्यक्ष विश्व देव शर्मा एवं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ प्रशांत मिश्रा उपस्थित थे।
प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत डॉ प्रशांत मिश्रा, डॉ संजय जोशी, अजय भटनागर, किशोर बागड़ी, डॉ आशीष जोशी ने किया।

      सुरेशानंद जी शास्त्री ने आयुर्वेद और प्राकृतिक जीवन शैली के महत्व से युवाओं को परिचित करवाया। आपने कहा कि हमारे ऋषि मुनियों के कठिन तप और गहन अनुसंधान से आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का जन्म हुआ यह निरापद चिकित्सा पद्धति है जिसका कोई साईड इफेक्ट नहीं होता है और रोग का जड़ से निर्मूलन करती है ।
     कार्यक्रम को विशिष्ट अतिथि डॉ कच्छावा ने भी संबोधित करते हुए कहा कि छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर हम आसानी से स्वस्थ रह सकते हैं हमें कब और कितना और क्या खाना चाहिए, इसका ध्यान  रखलें  और योग , एक्सरसाइज, पैदल भ्रमण को जीवन में अपनालें तो आप निरोगी रहेंगे।
  स्वागत उद्बोधन प्राचार्य डॉ प्रशांत़ मिश्रा ने दिया। आपने युवाओं से सही दिनचर्या और स्वास्थ्य वर्धक खान-पान को अपनाने का परामर्श दिया। 
  
  विश्व देव शर्मा ने गुरूजी का महाविद्यालय में आने को परम सौभाग्य बताया। 

अतिथियों का परिचय वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ संजय जोशी ने करवाया। कार्यक्रम का संचालन डॉ हेमलता जोशी और आभार प्रोफेसर आशीष सोनी ने माना।