📰 पूरी खबर:
नीमच। मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के लाखों पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत की खबर है। महंगाई राहत (DR) बढ़ाने के लिए दोनों राज्यों की आपसी सहमति की बाध्यता को करीब 25 वर्ष बाद समाप्त कर दिया गया है। दोनों राज्यों के वित्त सचिवों द्वारा हस्ताक्षरित आदेश शुक्रवार को जारी किया गया, जिसके तहत मध्य प्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49(6) को विलोपित कर दिया गया है।
इस निर्णय के बाद पेंशनर्स की महंगाई राहत की घोषणा एवं भुगतान में होने वाली अनावश्यक देरी समाप्त होगी। अब केंद्र सरकार द्वारा महंगाई राहत बढ़ाए जाने के अनुरूप दोनों राज्य अपने स्तर पर स्वतंत्र रूप से DR संबंधी आदेश जारी कर सकेंगे।
मध्य प्रदेश विद्युत सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ, नीमच के जिला अध्यक्ष शंभू प्रसाद शर्मा एवं कार्यकारी अध्यक्ष दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि पेंशनरों की महंगाई राहत लागू करने में दोनों राज्यों की सहमति संबंधी धारा 49(6) को समाप्त करने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी।
भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध मध्य प्रदेश सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी संघ तथा मध्य प्रदेश विद्युत सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ द्वारा कई बार प्रदेश स्तर पर दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्रियों को ज्ञापन देकर इस प्रावधान को समाप्त करने की मांग की गई थी।
इसी क्रम में 25 जून को मध्य प्रदेश सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री कुलदीप सिंह के नेतृत्व में मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा से मुलाकात कर धारा 49(6) को समाप्त करने की मांग रखी थी। वित्त मंत्री ने इस मांग पर सहमति जताते हुए शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया था।
इस निर्णय पर संगठन के जिला संयोजक राजेंद्र कुमार जैन, जिला महामंत्री हरिकिशन चतुर्वेदी सहित प्रदेशभर के पेंशनर्स ने खुशी व्यक्त करते हुए सरकार का आभार माना है