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(माया वीरवाल)
इस नश्वर जीवन में एक ऐसा रिश्ता है जो इस धरती पर मौजूद सभी रिश्तों से कहीं बढ़कर है वह है असाधारण रिश्ता मां का है, जो अपने परिवार के प्रति असीम प्रेम, समर्पण और निष्ठा के कारण वास्तव में अनमोल है। मातृत्व दिवस उन माताओं के लिए विशेष है जिन्हें इस पुरुष प्रधान समाज में अक्सर नजरअंदाज किया जाता है। विश्व मातृत्व दिवस दुनिया के विभिन्न हिस्सों में माताओं के प्रति आदर, सम्मान और प्रेम व्यक्त करने का एक अवसर है। यह दिन माताओं के योगदान को सम्मानित करने, मातृ बंधन के प्रयासों को स्वीकार करने और हमारे समाज में माताओं की भूमिका को पहचानने का एक आयोजन है। हालांकि, विभिन्न देश इसे अलग-अलग तिथियों पर मनाते हैं, लेकिन आमतौर पर इसे मार्च या मई के महीनों में मनाया जाता है। विश्व मातृ दिवस अन्य त्योहारों की तरह ही मनाया जाने वाला एक प्रयास है। फादर्स डेभाई-बहन दिवस, दादा-दादी दिवस और अन्य। यह एक ऐसा दिन है जो लोगों को उनके जीवन में माताओं के महत्व और सार्थकता को याद दिलाता है और दुनिया भर में मातृसत्तात्मक व्यक्तित्वों पर विशेष जोर देने के लिए मनाया जाता है। माँ निस्वार्थ प्रेम, असीम त्याग और अद्वितीय समर्पण की जीवित प्रतिमा हैं, जो बिना किसी शर्त के बच्चों के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर देती हैं। मां, प्रेम और त्याग की जीवंत प्रतिमा हैं। मां हर जिम्मेदारी को निस्वार्थ भाव से निभाती हैं। आइए, अपना प्रेम और आभार उस मूरत को समर्पित करें, जिन्होंने हमें स्नेह, संस्कार और संबल दिया। प्रथम गुरु मां को ही माना गया है।