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भोपाल। संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने संभाग के सभी जिलों में कुपोषण के उन्मूलन के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अत्यधिक और मध्यम कुपोषित बच्चों की स्थिति का नियमित आकलन कर कुपोषण के मूल कारणों की पहचान की जाए तथा भोजन की अनुपलब्धता, चिकित्सकीय जटिलताओं और सामाजिक-व्यवहारगत परिस्थितियों का समाधान किया जाए।
संभागायुक्त श्री शर्मा ने मंगलवार को संभागायुक्त कार्यालय में महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि सेक्टर अधिकारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने क्षेत्रों में 0 से 5 वर्ष तक के एसएएम और एमएएम बच्चों की पहचान कर उनका नियमित टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण और घर-घर फॉलोअप सुनिश्चित करें। माता-पिता से बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लेकर उपलब्ध आंकड़ों का नियमित विश्लेषण किया जाए।
उन्होंने मैदानी स्तर पर विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए जिला स्तर पर सीडीपीओ-बीएमओ तथा डीपीओ-सीएमएचओ की संयुक्त कार्यप्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए। टीकाकरण एवं गर्भवती महिलाओं से संबंधित डेटा विसंगतियों को तत्काल दूर करने तथा दस्तक अभियान, डायरिया नियंत्रण, एनआरसी भर्ती और चाइल्ड-मैटरनल हेल्थ मानकों की संयुक्त ट्रैकिंग के निर्देश भी दिए।
बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, आभा एवं अपार आईडी सहित विभिन्न योजनाओं में पात्र हितग्राहियों को शत-प्रतिशत लाभ दिलाने पर जोर दिया गया। जिला एवं ब्लॉक अधिकारियों को रोस्टर के अनुसार प्रत्येक आंगनबाड़ी का माह में कम से कम एक बार निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा में राजगढ़ जिले में वर्ष 2027-28 में द्वितीय प्रसव पर बालिका के 4,168 निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध केवल 915 पंजीयन पाए जाने पर संभागायुक्त ने असंतोष व्यक्त करते हुए स्थिति में शीघ्र सुधार के निर्देश दिए। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।