:: फ्रेंचाइजी को मिलेगा 50 लाख का बजट, चार श्रेणियों में बंटेंगे प्रदेश के सितारे; धन वर्षा की तैयारी ::
इंदौर/ग्वालियर । मध्यप्रदेश क्रिकेट लीग (एमपीसीएल) का तीसरा सत्र प्रदेश के क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। वर्तमान अध्यक्ष महानआर्यमन सिंधिया के नेतृत्व में लीग प्रबंधन ने इस बार सबसे बड़ा नवाचार करते हुए प्लेयर्स ऑक्शन (नीलामी प्रक्रिया) को हरी झंडी दे दी है। आईपीएल की तर्ज पर होने वाली इस नीलामी से न केवल खिलाड़ियों पर धन वर्षा होगी, बल्कि प्रदेश की छिपी हुई प्रतिभाओं को अपनी कीमत और कौशल दिखाने का एक बड़ा वैश्विक मंच भी मिलेगा। सूत्रों के मुताबिक, नीलामी मार्च के अंतिम सप्ताह में हो सकती है, जबकि रोमांचक मुकाबले जून के महीने में इंदौर और ग्वालियर के स्टेडियमों में खेले जाएंगे।
:: चार श्रेणियों में लगेगी बोली; 3 लाख तक होगा बेस प्राइज ::
नीलामी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए खिलाड़ियों को उनके अनुभव और प्रदर्शन के आधार पर चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है।
1. ए श्रेणी : भारतीय टीम, आईपीएल या भारत-ए के खिलाड़ियों का आधार मूल्य 3 लाख रुपये रखा गया है।
2. बी श्रेणी : रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी खेलने वाले सीनियर खिलाड़ियों का बेस प्राइज 1.5 लाख रुपये होगा।
3. सी श्रेणी : प्रदेश की जूनियर टीम में शामिल रहे खिलाड़ियों के लिए 75 हजार रुपये का आधार मूल्य तय है।
4. डी श्रेणी : संभागीय स्तर पर जेएन भाया या माधवराव सिंधिया ट्रॉफी खेलने वालों की बोली 50 हजार रुपये से शुरू होगी।
:: नीलामी के गणित और बजट पर एक नजर ::
प्रत्येक फ्रेंचाइजी टीम को खिलाड़ियों की खरीद के लिए कुल 50 लाख रुपये का पर्स दिया जाएगा। इसी राशि में से टीम को 14 से 15 खिलाड़ी खरीदने या रिटेन करने होंगे।
- रिटेंशन और आइकन प्लेयर : टीमें पिछले सत्र से अपना एक पसंदीदा खिलाड़ी रिटेन कर सकेंगी। आइकन खिलाड़ी के लिए अधिकतम 12.5 लाख रुपये की सीमा तय की गई है।
- प्लेयर्स डेवलपमेंट प्रोग्राम : मुख्य टीम के अलावा दो अतिरिक्त खिलाड़ी डेवलपमेंट प्रोग्राम के जरिए चुने जाएंगे, जिससे नए चेहरों को मौका मिलेगा।
- पंजीकरण की तिथि : इच्छुक खिलाड़ियों के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 5 मार्च निर्धारित की गई है।
:: 19 से कम उम्र के खिलाड़ियों पर पाबंदी ::
बीसीसीआई की नीति का अनुसरण करते हुए एमपीएल ने एक कड़ा फैसला लिया है। 19 वर्ष से कम उम्र के खिलाड़ियों को इस टी-20 लीग में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी। इस नियम का मुख्य उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को करियर के शुरुआती दौर में लंबे प्रारूप (रेड-बॉल क्रिकेट) के प्रति गंभीर बनाए रखना है। फ्रेंचाइजी टीमों की नजरें वर्तमान में चल रही जेएन भाया ट्रॉफी (अंतर-संभागीय टी-20) के प्रदर्शन पर टिकी हैं, जो नीलामी की दिशा तय करेगी।
पिछले दो सत्रों की सफलता और कई खिलाड़ियों के आईपीएल तक पहुँचने के सफर ने इस लीग को बेहद प्रतिष्ठित बना दिया है। अब इस नीलामी प्रक्रिया से मध्यप्रदेश क्रिकेट को नई ऊंचाइयां मिलने और राज्य की प्रतिभाओं को आर्थिक संबल मिलने की उम्मीद है।