भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विकास की बात पर हम सब एक हैं। सबके साझा प्रयासों से हम मध्यप्रदेश को देश के विकसित प्रदेशों की श्रेणी में लेकर आएंगे। प्रदेश में गरीब, युवा, अन्नदाता और नारियों के कल्याण के लिए मिशन मोड पर काम जारी है। इसी कड़ी में हमने जीवाईएएन में आई फॉर इंडस्ट्रियलाइजेशन और आई फॉर इंफ्रास्ट्रक्चर को जोड़कर इसे ज्ञानी (GYANII) बना दिया है। अब विकास की दिशा में यही हमारा मूल मंत्र है। किसानों की बेहतरी के लिए हम तेजी से कार्य कर रहे हैं। किसानों को अपने उत्पाद देश की बड़ी मंडियों तक पहुंचाने के लिए पहली जरूरत कनेक्टिविटी होती है। किसानों की इस जरूरत को पूरा करने के लिये हमने प्रदेश में सड़क मार्गों और राजमार्गों का जाल बिछाने का बीड़ा उठाया है। उज्जैन से जावरा तक बनने वाली ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड परियोजना (हाई-वे) भी इसी दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। करीब 5017 करोड़ रूपए से अधिक लागत से बनने वाला यह ग्रीनफील्ड हाई-वे इस क्षेत्र के समग्र विकास की एक नई पहचान बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर आए किसान प्रतिनिधिमंडल को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उज्जैन जिले के घट्टिया और नागदा विधानसभा क्षेत्र से बड़ी संख्या में आए किसानों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड परियोजना को जमीन स्तर (नॉन एलीवेटेड पैटर्न) पर त्वरित मंजूरी देने के लिए स्वागत एवं अभिनंदन कर आभार माना। इस अवसर पर घट्टिया विधायक डॉ. सतीश मालवीय, नागदा विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को विकास पुरूष बताकर जिले की जनता को यह सौगात देने के लिए गजमाला से अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान प्रतिनिधि मंडल को संबोधित करते हुए कहा कि कम समय में ही प्रदेश में बड़ा उल्लेखनीय विकास हुआ है। प्रदेश में विकास से नागरिकों की जिंदगी बेहतर हुई है। प्रदेश में चल रही विभिन्न सड़क परियोजनाओं का लाभ सबसे पहले हमारे किसानों, व्यापारियों के साथ भावी पीढ़ियों को भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि इंदौर मेट्रोपॉलिटिन सिटी एरिया में शामिल हो जाने से उज्जैन-नागदा-खाचरौद-रतलाम सहित पूरे क्षेत्र का समग्र विकास होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में हमने गंभीर नदी पर बने बांध को जोड़ते हुए एक नए सड़क मार्ग को मंजूरी दी है। इससे उज्जैन और रतलाम के बीच तीन अलग-अलग पहुंच मार्गों से दोनों जिलों का सड़क सम्पर्क और भी सुदृढ़ होगा।