भोपाल।मध्य प्रदेश शिक्षक संघ द्वारा शिक्षा से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों को लेकर एक आधिकारिक पत्र जारी किया गया है। संघ ने अपने पत्र के माध्यम से डिजी गो पोर्टल पर स्कूल ग्रांट की शेष 50 प्रतिशत राशि शीघ्र जारी करने तथा ई-अटेंडेंस प्रणाली में आ रही तकनीकी एवं व्यावहारिक समस्याओं के निराकरण की मांग उठाई है। संघ ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के सभी विद्यालयों को स्वीकृत स्कूल ग्रांट की केवल 50 प्रतिशत राशि ही प्राप्त हुई है, जबकि शेष राशि अब तक लंबित है। इसके कारण विद्यालयों में आवश्यक शैक्षणिक संसाधनों की पूर्ति, मरम्मत कार्य एवं अन्य आधारभूत व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। अतः विद्यार्थियों के हित में शेष 50 प्रतिशत राशि शीघ्र जारी किए जाने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, ई-अटेंडेंस प्रणाली में आ रही तकनीकी कठिनाइयों के चलते शिक्षकों को अनावश्यक प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से परीक्षा एवं मूल्यांकन कार्य में संलग्न शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करने में समस्याएं सामने आ रही हैं। संघ ने मांग की है कि ऐसे शिक्षकों की उपस्थिति को “ऑन ड्यूटी” मानते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं, जिससे विभागीय प्रक्रियाएं सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बन सकें। संघ ने पत्र में दोहराया है कि शिक्षकों के हितों की रक्षा एवं विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि पत्र में उल्लिखित बिंदुओं पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए शीघ्र आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं, अतः उनके हितों की अनदेखी शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। संघ के प्रांताध्यक्ष श्री क्षत्रवीर सिंह राठौड़, महामंत्री श्री राकेश गुप्ता एवं प्रांतीय कोषाध्यक्ष श्री विनोद कुमार पुनी द्वारा संयुक्त रूप से पत्र जारी कर उक्त मांगें शासन के समक्ष रखी गई हैं। मध्य प्रदेश शिक्षक संघ ने आशा व्यक्त की है कि शासन स्तर पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए शिक्षकों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।