भोपाल। प्रदेश की कानून व्यवस्था को बेहतर बनाये रखने के लिये पुलिस के कम्युनिकेशन सिस्टम में तकनीकी बदलाव की तैयारी है। पुलिस अब अपनी पारंपरिक संचार प्रणाली के स्थान पर सैटेलाइट आधारित नेटवर्क पर शिफ्ट होने जा रही है। केंद्र सरकार के पुलिस वायरलेस समन्वय निदेशालय (डीसीपीडब्ल्यू)) की गाइड लाइन में होने वाला यह परिवर्तन राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करेगा। दरअसल कई बार पुलिस ने संचार सिस्टम की समीक्षा की तो ऐसी आशंका हुई कि कई बार पुलिस के वायरलेस संदेशों को बीच में ही इंटरसेप्ट कर लिया जा रहा है। जिससे पुलिस के ऑपरेशन लीक होने की आशंका है। इसी लिए 100 करोड़ की लागत से नए प्रोजेक्ट बनाया गया है जिससे ऐसा करना मुश्किल होगा। यह सिस्टम पूरी तरह एनक्रिप्टेड होगा, यानी पुलिस की हर बात एक गुप्त कोड़ में सुरक्षित रहेगी जिसे कोई भी बाहरी व्यक्ति डिकोड नहीं कर पाएगा। इसके अलावा इस नए सिस्टम की सबसे बड़ी ताकत इसका डिजास्टर-पूफ होना है। कोई बड़ी प्राकृक्तिक आपदा जैसे बाढ़ या भूकंप आने पर जमीन पर लगे मोबाइल टावर और बिजली लाइनें ठप हो जाती हैं। ऐसे समय में पुलिस का वायरलेस संपर्क टूट जाता है, जो राहत कार्यों में बड़ी बाधा बनता है। सैटेलाइट नेटवर्क सीधे अंतरिक्ष से संचालित होगा, इसलिए जमीन पर तबाही होने के बावजूद पुलिस का चौबीसों घंटे काम करेगा।
इस सिस्टम के शुरू होने के बाद एमपी पुलिस की संचार व्यवस्था देश की सबसे आधुनिक प्रणालियों में से एक होगी।