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सिंगोली ( निरंजन शर्मा )।शासन के नियमों की धज्जियां कैसे उड़ाई जाती हैं, इसका जीता-जागता उदाहरण तहसील सिंगोली के ग्राम अरनिया में देखने को मिल रहा है। यहाँ भगवान देवनारायण मंदिर की बेशकीमती भूमि पर एक सरकारी शिक्षक ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। हैरानी की बात यह है कि तहसीलदार न्यायालय द्वारा बेदखली का आदेश पारित हुए महीनों बीत चुके हैं, लेकिन प्रशासन आज तक इस शिक्षक से मंदिर की जमीन मुक्त नहीं करा सका है।
ग्राम अरनिया निवासी मंदिर के पुजारी प्यारचंद पिता नंदा जी दरोगा ने सोमवार को तहसीलदार सिंगोली को पुनः आवेदन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। मामले के अनुसार, सर्वे क्रमांक 455 और 456 (कुल रकबा 0.502 हेक्टेयर) मंदिर की खाता भूमि है। इस पर गाँव के ही सोहनलाल पिता प्यारचंद धाकड़, जो कि पेशे से शासकीय शिक्षक हैं, ने जबरन कब्जा कर रखा है।
पुजारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस मामले में लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद तहसीलदार कार्यालय से प्रकरण क्रमांक 066/अ 68/24-25 के तहत धारा 248 की कार्यवाही करते हुए 28 अगस्त 2024 को बेदखली का स्पष्ट आदेश जारी किया गया था। नियमानुसार प्रशासन को अब तक बलपूर्वक यह जमीन खाली करा लेनी चाहिए थी, लेकिन आदेश फाइलों में ही दबा रह गया।
आवेदन में पुजारी ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि सरकारी पद पर आसीन होने के बावजूद उक्त व्यक्ति मंदिर की जमीन खाली नहीं कर रहा है। पुजारी का परिवार इसी भूमि के सहारे अपनी आजीविका चलाता है। कब्जेदार द्वारा न केवल जमीन पर कब्जा किया गया है, बल्कि विरोध करने पर विवाद और जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है।
*सख्त कार्यवाही की दरकार*
क्षेत्र की जनता में इस बात को लेकर भारी रोष है कि एक सरकारी शिक्षक खुद कानून का उल्लंघन कर रहा है। ग्रामीण अब जिला प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि पटवारी और पुलिस बल की मौजूदगी में तत्काल बेदखली के आदेश का पालन कराया जाए और मंदिर की भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया जाए।
*पीड़ित का कहना -*
"प्रशासन ने आदेश तो दे दिया, लेकिन उस पर अमल कौन करेगा? एक तरफ मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जा है और दूसरी तरफ मेरा परिवार दाने-दाने को मोहताज हो रहा है। अगर प्रशासन ने जल्द कार्यवाही नहीं की तो मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा।" 
— *प्यारचंद, पुजारी* (भगवान देवनारायण मंदिर)