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सिंगोली(निरंजन शर्मा )।जय जय गुरुदेव के जयघोष के साथ जब मुनिराज का मंगल प्रवेश होता है तो वातावरण में एक दिव्य ऊर्जा और भक्ति का संचार होता है
सिंगोली नगर में यह देखकर बहुत ही आनंद और भक्ति का अनुभव हो रहा है  जंहा जैन मुनि श्री जी का मंगल प्रवेश सिंगोली नगर के लिये एक अत्यंत मंगलकारी व गौरवशाली अवसर है ।

 सिंगोली नगर में रविवार को प्रातः  धर्म भक्ति और आस्था का अद्धभुत संगम देखने को मिला, जब सकल दिगम्बर जैन समाज के तत्वाधान में परम् पूज्नीय श्री 108 मुनि प्रणम्य सागर जी महाराज श्री का मंगल प्रवेश जो सिंगोली
नगर की पावन धरा उस समय श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से सराबोर हो उठी, जब गुरुदेव के 10 वर्ष बाद मंगल प्रवेश के अवसर पर चारों ओर “जय-जय गुरुदेव” के जयकारे  की गूंज सुनाई दी। श्रद्धालुओं ने पूरे हर्ष और उल्लास के साथ गुरुदेव का भव्य स्वागत किया।
गुरुदेव को देखते कई भक्तों की आँखें नम हो गई ,,,
गुरुदेव के नगर आगमन पर जगह-जगह स्वागत द्वार सजाए गए हे तथा मार्ग को आकर्षक रंगोली, फूलों और पताकाओं से सजाया गया। श्रद्धालु महिलाएं मंगल कलश लेकर स्वागत में चल रही थी वहीं युवाओं ने शोभायात्रा को उत्साहपूर्वक आगे बढ़ाया,
 बैंड-बाजों और ढोल-नगाड़ों की धुन पर पूरा नगर भक्ति रस में डूबा नजर आया।
मंगल प्रवेश यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली, जहां नागरिकों ने पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद लिया और गुरुदेव का अभिनंदन किया। इस दौरान वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया और हर कोई गुरुदेव के दर्शन पाने को आतुर दिखाई दिया।

पंच कल्याणक महोत्सव समिति ने बताया कि यह आयोजन नगर के लिए अत्यंत सौभाग्य का अवसर है और आगामी दिनों में पंच कल्याणक महोत्सव के तहत विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे।गुरुदेव के सानिध्य में नगरवासियों को धर्म, संयम और आध्यात्मिकता का संदेश प्राप्त होगा, जिससे पूरे क्षेत्र में धर्ममय वातावरण का संचार होगा। इस अवसर पर कोटा ,भीलवाड़ा ,बिजौलिया , डाबी, झांतला,बोराव,रावतभाटा,महुवा,मानपुरा सहित अन्य जगह से भक्त जन ने इस मंगलमय वेला में पधारकर गुरुदेव का सानिध्य पाया है।