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भादवामाता।मालव मेवाड़ की वैष्णोदेवी के नाम से सुप्रसिद्ध-आरोग्य तीर्थस्थल भादवामाता में चैत्र नवरात्रि मेले के दौरान हजारों की संख्या में जो कि यहां पर गिनने कोई पैमाना नही असंख्य अनगिनत श्रद्धालुओं ने इस पूण्य धरा पर आकर अपना अपना मत्था टेंककर सुखद जीवन का आर्शीवाद लिया व यहां पर प्रतिदिन नंगे पांव से पैदल चलने वाले भक्तों ने भी भादवामाता के दरबार में रोजाना सुबह के चार बजे से अपनी अपनी हाजरी लगाकर माँभादवा से आर्शीवाद लिया। इस चैत्र-नवरात्रि के महापर्व का मुख्य आकर्षण-महाअष्टमी का हवन होता है। जिसके दर्शन करने से जन्म जन्मातंर के कष्ट मिटते है।इस माँभादवा के पवित्र धरा की भूमि पर सभी भक्तगणों ने अपना माथा टेककर विशेष- आर्शीवाद लिया है।
यहां पर विद्वान-ब्राह्मण पंडितों के द्वारा विधिवत रुप से गुरुवार को रात्रि 10:30बजे समय के शुभमुहूर्त में माँभादवा के दरबार में मंत्रौच्चारण के साथ विधिवत रुप से ग्राम पटेल निरंजन/देवीलाल नागदा के द्वारा विशेष-पूजाअर्चना के साथ हवन प्रारंभ हुआ। इस अवसर पर यहा यज्ञ-मंडप में हवन में आहूतियां देनी शुरू हो गई।
इसी प्रकार से माँभादवा के दरबार में बड़ी ही आस्था के साथ माँभादवा के जोरदार जयकारों के बीच दूर दराज के भक्तजनों ने इस पवित्र माँभादवा की पुण्य दरबार में अपना मत्था टेंककर सुखदमय व सृमद्धि की कामनाएं कर सुखद जीवन जीने का आर्शीवाद लिया।
इस हवन में मुख्य-रूप से जिला-एसपी अंकित जायसवाल एसडीएम संजीवसाहू व क्षेत्रीय विधायक दिलीपसिंह परिहार एवं जि.पंचायत के अध्यक्ष सज्जनसिंह चौहान, सरपंच मिठूबाई/नवलकृष्ण सुरावत क्षैत्र के जनप्रतिनिधिगण प्रबंधक अजय ऐरन मनीष दुबे सचिव राजमल कछावा ,महेंद्र गुजर भी मौजूद रहें।इसी प्रकार से समाजसेवी भक्त जनों ने भी अपनी अपनी सेवाएं माँभादवा के दरबार में दी।
यह हवन रात्रि भर चला जो ब्रह्मामुहूर्त के समय में इस हवन की पूर्णाहुति हुई। व महाआरती की गई। और महाप्रसादी वितरण हुई।इसी प्रकार यहां चैत्र नवरात्रि मेले का समापन भी हो गया।